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आगरा में 13 साल बाद फरार आरोपी स्कूटर चलाते हुए पकड़ा गया

आगरा में एक धोखाधड़ी के मामले में 13 साल बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जिस शख्स को 13 साल पहले मौत का सर्टिफिकेट देकर मृत दिखाया गया था, वो सड़क पर स्कूटर चलाते हुए जीवित मिल गया।

आगरा में 13 साल बाद फरार आरोपी स्कूटर चलाते हुए पकड़ा गया
Image credit: News Darpan Team

आगरा में एक धोखाधड़ी के मामले में 13 साल बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जिस शख्स को 13 साल पहले मौत का सर्टिफिकेट देकर मृत दिखाया गया था, वो सड़क पर स्कूटर चलाते हुए जीवित मिल गया। नगला बैनी प्रसाद, गांधी नगर के रहने वाले आरोपी ताराचंद शर्मा को वादी पक्ष ने सड़क पर देखा और उसकी फोटो खींचकर कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश कर दी। इसके बाद कोर्ट में आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया।

दरअसल 1999 में ताराचंद शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। उस पर फर्जी वसीयत तैयार करने का आरोप लगा था और कोर्ट ने उसे तलब किया था। लेकिन आरोपी ने कोर्ट में पेश होने की बजाय खुद को मृत घोषित करवा दिया। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में भी राहत मांगी लेकिन वहां से भी उसे कोई राहत नहीं मिली।

जब वादी पक्ष ने आरोपी के जीवित होने के सबूत और उसकी फोटो कोर्ट में रखी तो मामले में नया मोड़ आ गया। आरोपी को एहसास हो गया कि अब बचने का कोई रास्ता नहीं है और उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

विशेष सीजेएम शिवा नंद गुप्ता ने ताराचंद शर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने आरोपी की जमानत खारिज कर दी और उसे जेल भेजने के आदेश दिए। यह मामला धोखाधड़ी के आरोपियों को चेतावनी देने वाला साबित हो सकता है कि कानून की नजर से कोई नहीं बच सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आगरा में यह घटना क्या थी?

आगरा में एक आरोपी ताराचंद शर्मा को 13 साल बाद स्कूटर चलाते हुए पकड़ा गया। वह 1999 से धोखाधड़ी के मामले में फरार था और खुद को मृत घोषित करवा चुका था।

ताराचंद शर्मा के खिलाफ क्या आरोप था?

ताराचंद शर्मा पर फर्जी वसीयत तैयार करने का आरोप था। 1999 में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था और कोर्ट ने उसे तलब किया था।

वादी पक्ष को आरोपी कैसे मिल गया?

वादी पक्ष ने ताराचंद शर्मा को सड़क पर स्कूटर चलाते हुए देखा, उसकी फोटो खींची और कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश कर दी।

कोर्ट ने आरोपी के साथ क्या किया?

जब ताराचंद शर्मा को जीवित होने का सबूत मिल गया तो उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। विशेष सीजेएम शिवा नंद गुप्ता ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे जेल भेजने के आदेश दिए।

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