बहराइच बाढ़ से पांच हाथियों को बचाया गया
बहराइच में गिरजापुरी बैराज के पास वन विभाग और सिंचाई विभाग की तेज कार्रवाई से पांच जंगली हाथियों की जान बचाई गई।
बहराइच में गिरजापुरी बैराज के पास वन विभाग और सिंचाई विभाग की तेज कार्रवाई से पांच जंगली हाथियों की जान बचाई गई। कौड़ियाला नदी के तेज बहाव में फंसे इस झुंड में तीन बड़े हाथी और दो छोटे बच्चे शामिल थे। 25 अगस्त को सुबह करीब साढ़े दस बजे कतरनियाघाट रेंज मुख्यालय को खबर मिली कि गेरुआ नदी क्षेत्र में बाढ़ के तेज पानी में बहते हुए हाथियों का यह समूह बैराज की तरफ आ रहा है।
नदी का पानी इतना तेज था कि नन्हे हाथी के बच्चे खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। उन्हें बचाने की कोशिश में बड़े हाथी भी धारा में फंस गए और जद्दोजहद कर रहे थे। खबर मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत सिंचाई विभाग से संपर्क किया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने फौरन बैराज के गेट बंद कर दिए, जिससे पानी का बहाव थम गया।
जैसे ही पानी का लेवल स्थिर हुआ और धारा धीमी पड़ी, बड़े हाथियों ने हालात पर काबू पाया और दोनों बच्चों को सुरक्षित दिशा में ले गए। इसके बाद वन विभाग की टीम ने शोर मचाकर पूरे झुंड को पास के घने जंगल की तरफ खदेड़ दिया। अभी सभी हाथी सुरक्षित रूप से जंगल में हैं और वन कर्मचारी लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि टीम की तत्परता और सिंचाई विभाग के समय पर मिले सहयोग से एक बड़ा हादसा टल गया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दोनों विभागों की काफी तारीफ हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच में कितने हाथियों को बाढ़ से बचाया गया?
बहराइच के गिरजापुरी बैराज के पास कौड़ियाला नदी में बाढ़ के पानी में फंसे पांच जंगली हाथियों को बचाया गया। इस झुंड में तीन बड़े हाथी और दो छोटे बच्चे शामिल थे।
हाथियों को बचाने के लिए क्या किया गया?
वन विभाग और सिंचाई विभाग ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन किया। सिंचाई विभाग ने बैराज के गेट बंद कर दिए जिससे नदी का तेज बहाव रुक गया। फिर पानी धीमा पड़ने के बाद बड़े हाथियों ने बच्चों को सुरक्षित जगह लाया और वन विभाग की टीम ने पूरे झुंड को घने जंगल की तरफ खदेड़ दिया।
इस बचाव कार्रवाई में क्या खास था?
नदी का पानी इतना तेज था कि छोटे हाथियों के बच्चे खुद को संभाल नहीं पा रहे थे और बड़े हाथी भी धारा में फंस गए थे। वन क्षेत्राधिकारी की तेज कार्रवाई और सिंचाई विभाग के तुरंत गेट बंद करने से एक बड़ा हादसा टल गया।
हाथियों को खबर कब मिली और कहां से आ रहे थे?
25 अगस्त को सुबह करीब साढ़े दस बजे कतरनियाघाट रेंज को खबर मिली कि गेरुआ नदी क्षेत्र में बाढ़ के तेज पानी में बहते हुए हाथियों का झुंड बैराज की तरफ आ रहा है।
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