बहराइच के स्कूल में पेड़ काटने की तैयारी, पर्यावरण नीति पर सवाल
बहराइच में जीआईसी स्कूल के परिसर में हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी का मामला सामने आया है।
बहराइच में जीआईसी स्कूल के परिसर में हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी का मामला सामने आया है। धनकुट्टीपुरा के सभासद ने एक वीडियो भेजा है जिसमें ठेकेदार द्वारा पेड़ों पर आरा चलाने की तैयारी साफ नजर आ रही है। स्कूल परिसर के अंदर नीम का एक विशाल पेड़ भी लगा हुआ है जो अब कटने के कगार पर है।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एक तरफ सरकार लोगों से पेड़ लगाने की अपील कर रही है और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूल में ही पुराने पेड़ों को काटने की तैयारी चल रही है। यह घटना सरकार की नीतियों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को दिखाती है।
स्थानीय लोगों ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि ठेकेदार सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रहा है। जीआईसी स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थान में पेड़ों को काटना न सिर्फ पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है बल्कि छात्रों को भी गलत संदेश देता है।
धनकुट्टीपुरा सभासद द्वारा भेजी गई वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और पेड़ों को काटने से रोके। पर्यावरण प्रेमियों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए जिला अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच के जीआईसी स्कूल में क्या हो रहा है?
बहराइच के जीआईसी स्कूल के परिसर में पेड़ों को काटने की तैयारी चल रही है। स्कूल में लगे नीम का एक बड़ा पेड़ भी कटने के कगार पर है। धनकुट्टीपुरा के सभासद ने एक वीडियो भेजा है जिसमें ठेकेदार द्वारा पेड़ों पर आरा चलाने की तैयारी दिख रही है।
यह मामला इतना गंभीर क्यों है?
इस मामले को लेकर विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि एक ओर सरकार लोगों से पेड़ लगाने की अपील कर रही है और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दे रही है, और दूसरी ओर सरकारी स्कूल में ही पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है। यह सरकार की नीतियों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को दिखाता है।
स्थानीय लोग इस कदम के खिलाफ क्या कह रहे हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रहा है। वे मानते हैं कि स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थान में पेड़ों को काटना न सिर्फ पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है बल्कि छात्रों को भी गलत संदेश देता है।
इस मामले में क्या कार्रवाई की मांग की जा रही है?
स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह तुरंत हस्तक्षेप करे और पेड़ों को काटने से रोके। पर्यावरण प्रेमियों ने भी जिला अधिकारियों से इस घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच के स्कूल में पेड़ काटने की तैयारी, पर्यावरण नीति पर सवाल
- 2
आयुष्मान कार्ड में गलतियां सुधारना हुआ आसान, नया पोर्टल शुरू
- 3
बहराइच में एसपी ने जनता दर्शन के दौरान सुनीं सभी शिकायतें
- 4
बहराइच में 90 हजार क्विंटल चीनी के स्टॉक की जांच, कालाबाजारी पर सरकार सख्त
- 5
बहराइच की बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।