हिमाचल में बढ़ते नशे पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने जताई चिंता
बिलासपुर में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने नशे के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने प्रदेश में नशे के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की है।
बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने प्रदेश में नशे के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे की लगातार बढ़ती समस्या युवा, परिवार और समाज के लिए भविष्य की बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार और प्रशासन के साथ-साथ समाज सेवी संस्थाओं को भी आगे आने की जरूरत है।
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता बिलासपुर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एचपीटीडीसी के होटल लेकव्यू में एक एनजीओ द्वारा आयोजित इंडियन एक्सीलेंस अवार्ड 2026 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अधिकारियों और समाजसेवियों का सम्मान
अवॉर्ड समारोह के दौरान राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे अधिकारियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया। सम्मान समारोह में हिमाचल प्रदेश सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, उपायुक्त बिलासपुर किरण भड़ाना और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अभिषेक धीमान सहित अन्य अधिकारियों, समाजसेवियों और पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने नशे की समस्या को लेकर समाज के अलग-अलग वर्गों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए केवल सरकार और प्रशासन के स्तर पर काम करना काफी नहीं है। इस दिशा में समाज सेवी संस्थाओं को भी आगे आकर अपनी भूमिका निभानी होगी।
महिला और युवा सशक्तिकरण पर जोर
अपने संबोधन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने महिला और युवा सशक्तिकरण को साकार करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सकारात्मक सोच का नतीजा है कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का विषय बन गया है।
उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या, लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ समाज को आगे आने की जरूरत है। राज्यपाल ने इन मुद्दों पर सरकार और प्रशासन के साथ समाज की भागीदारी को जरूरी बताया।
कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि महिला और युवा सशक्तिकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के सभी वर्गों का साथ जरूरी है। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या से युवाओं, परिवारों और पूरे समाज पर पड़ने वाली चुनौती को लेकर चिंता जाहिर की और समाज सेवी संस्थाओं से इस दिशा में आगे आने की अपील की।
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की बात
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, संपदा, नदियों और जलस्रोतों के संरक्षण के लिए भी विशेष कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संजोकर रखने की जरूरत है।
इंडियन एक्सीलेंस अवार्ड 2026 कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त समाज, महिला और युवा सशक्तिकरण के साथ-साथ राज्य की प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने इन सभी क्षेत्रों में सरकार, प्रशासन और समाज सेवी संस्थाओं की साझा भूमिका पर जोर दिया।
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