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चंदौसी में 10 जरूरतमंद लड़कियां सम्मानित, मिलीं सिलाई मशीनें

रजत मल्होत्रा चंदौसी में नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए जनता जागरूक समिति की ओर से सिलाई प्रशिक्षण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

चंदौसी में 10 जरूरतमंद लड़कियां सम्मानित, मिलीं सिलाई मशीनें
Image credit: News Darpan Team

रजत मल्होत्रा

चंदौसी में नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए जनता जागरूक समिति की ओर से सिलाई प्रशिक्षण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। रविवार को नगर के स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र पर हुए इस समारोह में सिलाई का प्रशिक्षण पूरा करने वाली 10 जरूरतमंद लड़कियों को मेडल, प्रशस्ति पत्र और निशुल्क सिलाई मशीन देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद चंदौसी की अध्यक्ष लता वार्ष्णेय मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने लड़कियों को सम्मानित किया और समिति की पहल की सराहना की।

अपने संबोधन में लता वार्ष्णेय ने कहा, “यह बहुत ही अच्छी और प्रेरणादायक पहल है। आज के समय में लड़कियों का आत्मनिर्भर बनना बेहद जरूरी है। लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार से जोड़ने की जनता जागरूक समिति की यह पहल निश्चित रूप से एक सराहनीय कदम है। इस तरह के प्रयासों से समाज में नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और बेटियां अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी।”

उन्होंने समिति के काम की तारीफ की। साथ ही भविष्य में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि लड़कियों को प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने वाले प्रयास उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने में मदद करेंगे।

प्रशिक्षण केंद्र की संचालिका सना मंसूरी ने बताया कि संस्था की ओर से पिछले 6 माह से निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा था। इस केंद्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों को सिलाई-कढ़ाई का बारीकी से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनें दी गई हैं।

सना मंसूरी ने बताया कि सिलाई मशीन देने की पहल का उद्देश्य लड़कियों को रोजगार से जोड़ना है। इससे वे घर बैठे ही अपना रोजगार शुरू कर सकेंगी और अपने परिवार का सहयोग कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि संस्था ने स्वयं के संसाधनों से इस कार्यक्रम का आयोजन किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी इस तरह के आयोजन किए जाते रहेंगे। संस्था महिलाओं और लड़कियों को सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर और मेहंदी आदि का प्रशिक्षण देती रहेगी। समिति की ओर से प्रशिक्षण के साथ-साथ महिलाओं और लड़कियों को अपने काम से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रेम ग्रोवर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में लगातार होते रहने चाहिए। इन कार्यक्रमों से लड़कियों और महिलाओं में जागरूकता पैदा होगी और उनके अंदर कुछ कर दिखाने का जज्बा आएगा।

प्रेम ग्रोवर ने कहा, “जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मनिर्भर बनता है।” उन्होंने लड़कियों को प्रशिक्षण देने और उन्हें सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की।

समारोह के दौरान सम्मानित हुई लड़कियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। लड़कियों ने जनता जागरूक समिति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सिलाई मशीन मिलने के बाद वे अब अपना छोटा रोजगार शुरू करेंगी।

समारोह का सफल संचालन प्रभात कृष्ण ने किया। इस अवसर पर शाह आलम मंसूरी, उमेश शमसी, सुफियान शमसी, अता पाशा, दीपा जोसेफ, मुस्कान, अवनी पाल, विनीता, निशु पाल, इकरा, रानी, तैयबा, रौशनी आफरीन, मोहम्मद अनस और हन्नान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंदौसी में कितनी लड़कियों को सम्मानित किया गया?

सिलाई प्रशिक्षण पूरा करने वाली 10 जरूरतमंद लड़कियों को सम्मानित किया गया।

सम्मानित लड़कियों को क्या दिया गया?

उन्हें मेडल, प्रशस्ति पत्र और निशुल्क सिलाई मशीन दी गई।

सिलाई प्रशिक्षण केंद्र कितने समय से चल रहा था?

निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र पिछले 6 महीने से चल रहा था।

सिलाई मशीन देने का उद्देश्य क्या था?

लड़कियों को रोजगार से जोड़ना और उन्हें घर बैठे अपना काम शुरू करने में मदद करना इसका उद्देश्य था।

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