डिप्टी कमिश्नर ने मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, सुधार के दिए आदेश
यादगीर के मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में डिप्टी कमिश्नर ने सुविधाओं का जायजा लिया और ढांचे में सुधार के आदेश दिए।
डिप्टी कमिश्नर राहुल पांडवे ने यादगीर शहर के मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में निरीक्षण के बाद अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से बुनियादी ढांचे में सुधार करने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण में सुविधाओं और स्टाफ में कमी पाई गई थी।
शुक्रवार, 21 अगस्त को पुराने जिला अस्पताल की जगह पर बने इस अस्पताल के दौरे के दौरान मिस्टर पांडवे ने माताओं और परिजनों से बातचीत की ताकि यह पता लगाया जा सके कि मरीजों को जरूरी सेवाएं मिल रही हैं या नहीं।
नई सुविधाएं पहले से चालू हैं
डिप्टी कमिश्नर ने मीडिया को बताया कि अस्पताल में कई आधुनिक यूनिट बनाए गए हैं। इनमें सुरक्षित डिलीवरी के लिए बना लेबर रूम, गंभीर बच्चों की देखभाल के लिए स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू), और मरीजों की प्रोसेसिंग तेज करने के लिए नए आउटपेशेंट डिपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन काउंटर शामिल हैं। खास जगहों पर ड्रेनेज सिस्टम अपग्रेड किया गया है और इमरजेंसी में बिजली की लगातार सप्लाई के लिए हाई-कैपेसिटी पावर जेनरेटर भी लगाया गया है।
व्यापक सुधार के आदेश
नई सुविधाओं के बावजूद मिस्टर पांडवे ने मौजूद अधिकारियों को चरणों में और सुधार करने के निर्देश दिए। उनके आदेशों में पूरे ड्रेनेज का नवीनीकरण, इमारत की समग्र देखभाल, बेहतर पेयजल और साफ-सफाई की सुविधाएं, जरूरी मेडिकल उपकरणों की खरीद, और बेहतर वेटिंग एरिया शामिल हैं।
डिप्टी कमिश्नर ने स्टाफ की जरूरतों का आकलन करने पर भी जोर दिया, खासकर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए, और विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने की बात कही ताकि माताओं और बच्चों को समय पर और अच्छी क्वालिटी की हेल्थकेयर मिल सके।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डिप्टी कमिश्नर ने मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निरीक्षण क्यों किया?
डिप्टी कमिश्नर राहुल पांडवे ने यादगीर शहर के मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निरीक्षण इस बात को जांचने के लिए किया कि माताओं और बच्चों को सही सेवाएं मिल रही हैं या नहीं। निरीक्षण में सुविधाओं और स्टाफ में कमी पाई गई थी।
इस हॉस्पिटल में कौन-कौन सी नई सुविधाएं बनाई गई हैं?
हॉस्पिटल में लेबर रूम, स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) बनाए गए हैं। साथ ही नए आउटपेशेंट डिपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन काउंटर, ड्रेनेज सिस्टम अपग्रेड और हाई-कैपेसिटी पावर जेनरेटर भी लगाया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने आगे क्या सुधार के आदेश दिए?
उन्होंने पूरे ड्रेनेज का नवीनीकरण, इमारत की समग्र देखभाल, बेहतर पेयजल और साफ-सफाई, जरूरी मेडिकल उपकरणों की खरीद, और बेहतर वेटिंग एरिया के लिए चरणबद्ध सुधार के आदेश दिए हैं।
डिप्टी कमिश्नर ने स्टाफ के बारे में क्या कहा?
उन्होंने स्टाफ की जरूरतों का आकलन करने पर जोर दिया, खासकर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए, और विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने की बात कही ताकि बेहतर हेल्थकेयर सेवा मिल सके।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच के स्कूल में पेड़ काटने की तैयारी, पर्यावरण नीति पर सवाल
- 2
आयुष्मान कार्ड में गलतियां सुधारना हुआ आसान, नया पोर्टल शुरू
- 3
बहराइच में एसपी ने जनता दर्शन के दौरान सुनीं सभी शिकायतें
- 4
बहराइच में 90 हजार क्विंटल चीनी के स्टॉक की जांच, कालाबाजारी पर सरकार सख्त
- 5
बहराइच की बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।