भारत का सभी हाईवे जनवरी 2027 से डिजिटल, AI और EV चार्जिंग के साथ आएंगे
नेशनल हाईवे नेटवर्क पर AI सर्विलांस, तुरंत ट्रैफिक अलर्ट और हर 50 किमी पर अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग आएगी।
भारत का पूरा नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क जनवरी 2027 से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ जाएगा, जिससे ड्राइवर को मौसम, स्पीड लिमिट, ट्रैफिक अपडेट और एक्सीडेंट की जानकारी सीधे उनके डैशबोर्ड स्क्रीन या GPS ऐप पर मिलेगी, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ऐलान किया है।
टोल वसूली AI से जुड़ेगी
नई पॉलिसी के तहत 1 जनवरी 2027 के बाद बनने वाले किसी भी चार लेन नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे को तब तक प्रोविजनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट (PCOD) या टोल टैक्स वसूलने का हक नहीं मिलेगा, जब तक उस पर AI सर्विलांस और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग की पूरी व्यवस्था न हो। डेवलपर को हाईवे बनाने की कुल लागत का तीन से पांच फीसदी डिजिटल सर्विलांस, सेंसर ग्रिड और EV इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करना होगा।
एंड-टू-एंड AI मॉनिटरिंग, मैनुअल चेकिंग खत्म
यह बदलाव पुराने हाईवे पर लगे बिखरे हुए नेटवर्क, साधारण CCTV कैमरे और मैनुअल चेकिंग से अलग होगा। नए डिजिटल-ग्रीन हाईवे पर AI से लैस थर्मल NPR कैमरे लगेंगे जो कोहरे, धुंध या अंधेरे में भी पूरे रूट पर काम करेंगे। जब कोई एक्सीडेंट होगा, तो AI सिस्टम तुरंत पीछे से आ रहे वाहनों की स्क्रीन पर अलर्ट भेज देगा।
हर 50 किलोमीटर पर अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग
2027 से नए एक्सप्रेसवे पर हर 40 से 50 किलोमीटर पर 100 किलोवाट क्षमता वाले अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग पॉइंट होंगे। पूरा रोड नेटवर्क एक सेंट्रल क्लाउड डेटा बैंक से जुड़ेगा, जिससे ड्राइवर को मौसम और ट्रैफिक के साथ-साथ चार्जिंग स्लॉट की जानकारी भी मिलेगी।
चार पायलट कॉरिडोर तय
यह स्कीम पायलट के तौर पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे और चारधाम ऑल-वेदर रोड पर शुरू होगी। जबकि नए प्रोजेक्ट पर ये नियम पूरी तरह लागू होंगे, मौजूदा टोल हाईवे पर रेट्रोफिटिंग मॉडल के जरिए टेक्नोलॉजी अपग्रेड करनी होगी। पुराने हाईवे पर एक्सीडेंट या ट्रैफिक जाम की जानकारी अक्सर देर से मिलती थी, लेकिन नए सिस्टम में तुरंत नोटिफिकेशन मिलेगा।
मंत्रालय ने इस पहल को भारत के हाईवे पर "हाईटेक युग" की शुरुआत बताया है, जो सड़कों को सिर्फ डामर और कंक्रीट की पट्टी से आगे ले जाकर डिजिटल नेटवर्क वाले कॉरिडोर में बदल देगा।
स्रोत: Live Hindustan
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत के हाईवे पर डिजिटल सिस्टम कब से आएगा?
1 जनवरी 2027 से भारत का पूरा नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ जाएगा। इसके तहत ड्राइवर को मौसम, स्पीड लिमिट, ट्रैफिक अपडेट और एक्सीडेंट की जानकारी सीधे अपने डैशबोर्ड स्क्रीन या GPS ऐप पर मिलेगी।
नए हाईवे पर EV चार्जिंग के लिए क्या व्यवस्था होगी?
2027 से नए एक्सप्रेसवे पर हर 40 से 50 किलोमीटर पर 100 किलोवाट क्षमता वाले अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग पॉइंट होंगे। ड्राइवर को सेंट्रल क्लाउड डेटा बैंक के जरिए चार्जिंग स्लॉट की जानकारी भी मिलेगी।
AI सिस्टम हाईवे पर सुरक्षा के लिए क्या करेगा?
नए हाईवे पर AI से लैस थर्मल NPR कैमरे लगेंगे जो कोहरे, धुंध या अंधेरे में भी काम करेंगे। जब कोई एक्सीडेंट होगा, तो AI सिस्टम तुरंत पीछे से आ रहे वाहनों की स्क्रीन पर अलर्ट भेज देगा।
किन हाईवे पर पहले यह सुविधा शुरू होगी?
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे और चारधाम ऑल-वेदर रोड पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह स्कीम शुरू होगी।
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