मुजफ्फरनगर में खाद्य विभाग ने दूध मिलावट के खिलाफ छापेमारी में 10 लाख रुपये का सामान जब्त किया
मुजफ्फरनगर में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
मुजफ्फरनगर में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त खाद्य-II अर्चना धीरान की अगुवाई में टीम ने अकबर मिल्क चिलिंग सेंटर पर छापा मारा और बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध और संदिग्ध सामग्री पकड़ी। इस कार्रवाई से इलाके के दूध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
छापेमारी के दौरान टीम ने जांच के लिए कुल 10 नमूने लिए, जिनमें सेपरेटा दूध, सफेद घोल, मिश्रित दूध, गाय का दूध, एसएमपी, संदिग्ध कास्टिक सोडा, पारदर्शी तरल, गाय का घी और क्रीम शामिल हैं। मौके पर पता चला कि एसएमपी मिलाकर घोल तैयार किया जा रहा था। जो दूध इंसानी इस्तेमाल लायक नहीं मिला, उसे टीम ने तुरंत नष्ट करवा दिया। करीब 200 लीटर दूध, जिसकी कीमत 6 हजार रुपये थी, को जनहित में वहीं खत्म कर दिया गया।
इसके अलावा करीब 14,500 लीटर दूध, 235 किलो एसएमपी, 10 किलो घी, 70 किलो क्रीम, 10 किलो कास्टिक सोडा और 48 लीटर पारदर्शी तरल को जब्त कर लिया गया। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। यह सामान कारोबारी की निगरानी में रखा गया है। कारोबारी के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और उसका प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद करवा दिया गया है।
सभी 10 नमूने तेजी से जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई अगले दिन पूरी की जाएगी। इस पूरी छापेमारी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप सिंह, वैभव शर्मा, सुनील कुमार, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. विशाल चौधरी और नेहा चौधरी शामिल रहे। अर्चना धीरान की इस सख्ती ने साफ संदेश दिया है कि त्योहार के मौसम में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुजफ्फरनगर में खाद्य विभाग ने कितना सामान जब्त किया?
खाद्य विभाग ने अकबर मिल्क चिलिंग सेंटर पर छापेमारी करके करीब 10 लाख रुपये का सामान जब्त किया। इसमें 14,500 लीटर दूध, 235 किलो एसएमपी, 10 किलो घी, 70 किलो क्रीम, 10 किलो कास्टिक सोडा और 48 लीटर पारदर्शी तरल शामिल हैं।
छापेमारी क्यों की गई?
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को देखते हुए दूध में मिलावट के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। छापे के दौरान पता चला कि एसएमपी मिलाकर नकली दूध का घोल तैयार किया जा रहा था।
मौके पर कितना दूध नष्ट किया गया?
करीब 200 लीटर दूध जो इंसानी इस्तेमाल के लायक नहीं था, उसे तुरंत नष्ट करवा दिया गया। इस दूध की कीमत 6 हजार रुपये थी।
कारोबारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
कारोबारी के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और उसका प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद करवा दिया गया है। लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी।
लिए गए नमूनों की जांच कहां होगी?
छापेमारी के दौरान लिए गए 10 नमूने खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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