एपेक में ट्रंप के सामने ज्यादा मजबूत होंगे शी जिनपिंग: एक्सपर्ट्स
एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन में एपेक फोरम के दौरान शी जिनपिंग ट्रंप के सामने ज्यादा मजबूत स्थिति में होंगे। इसकी तीन बड़ी वजहें बताई गईं।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नवंबर में चीन में होने वाले एपेक फोरम में ज्यादा मजबूत स्थिति के साथ पहुंचने की उम्मीद है, क्योंकि एक्सपर्ट्स अमेरिका-चीन रिश्तों में हुए अपग्रेड, डिप्लोमैटिक टोन के ज्यादा गर्मजोशी भरे होने और मेजबान के तौर पर चीन के असर की ओर इशारा कर रहे हैं।
एक्सपर्ट्स को चीनी पक्ष ज्यादा भरोसे में क्यों दिख रहा है
एक्सपर्ट्स ने तीन अहम वजहें बताईं, जिनके चलते यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जब ट्रंप नवंबर में चीन में एपेक फोरम में शी से मिलेंगे, तो “चीनी पक्ष और भी ज्यादा आत्मविश्वास से भरा” होगा।
पहली वजह एक नया अपग्रेड किया गया दोतरफा ढांचा है, जिसका मकसद “सम्मान, निष्पक्षता और परस्परता पर आधारित रणनीतिक स्थिरता का रचनात्मक रिश्ता” बनाना है।
दूसरी वजह शी की तीन दिन की यात्रा के दौरान दिखा ज्यादा गर्मजोशी भरा रुख है, जिसे एक्सपर्ट्स ने बीजिंग के आत्मविश्वास से भी जोड़ा।
तीसरी वजह, जिसे बेहद अहम बताया गया है, वह बड़ा असर है जो मेजबान डिप्लोमेसी के साथ आता है।
एपेक की मेजबानी क्यों मायने रखती है
यह फोरम दक्षिणी चीन के शेनझेन में होगा, जिसे स्रोत में टेक्नोलॉजी दिग्गजों हुआवेई, बीवाईडी और टेनसेंट का घर बताया गया है।
शेनझेन में, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पास एजेंडा पर ज्यादा नियंत्रण होगा और वे बीजिंग की बढ़ती डिप्लोमैटिक ताकत को ऐसे तरीकों से दिखा सकेंगे, जो एक द्विपक्षीय समिट के दौरान मुमकिन नहीं थे।
त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर यूएस-चाइना रिलेशंस के डायरेक्टर चेन ची ने कहा कि एपेक के मेजबान के तौर पर चीन की स्थिति उसे “एजेंडा तय करने, मुद्दों के चयन और तैयारी के काम” में वॉशिंगटन समिट की तुलना में “कहीं ज्यादा स्वायत्तता” देती है।
चेन ने कहा कि वॉशिंगटन समिट में, “अमेरिका ने पूरी कोरियोग्राफी को नियंत्रित किया, जबकि चीन के पास केवल भागीदारी और चर्चा के अधिकार थे”।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवंबर में एपेक फोरम में शी जिनपिंग को ज्यादा मजबूत क्यों माना जा रहा है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसकी तीन वजहें हैं: अमेरिका-चीन रिश्तों में नया अपग्रेडेड ढांचा, हाल की बातचीत में ज्यादा गर्मजोशी और चीन का मेजबान होने का फायदा।
एपेक फोरम कहां होगा?
यह एपेक फोरम दक्षिणी चीन के शेनझेन में होगा, जिसे Huawei, BYD और Tencent जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियों का घर बताया गया है।
मेजबान होने से चीन को क्या फायदा मिलेगा?
मेजबान के तौर पर चीन एजेंडा तय करने, मुद्दे चुनने और तैयारी के काम में ज्यादा नियंत्रण रख सकेगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह फायदा किसी सामान्य द्विपक्षीय समिट से ज्यादा होगा।
चेन ची ने चीन की भूमिका पर क्या कहा?
त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी के चेन ची ने कहा कि एपेक की मेजबानी चीन को वॉशिंगटन समिट के मुकाबले कहीं ज्यादा स्वायत्तता देती है। उनके मुताबिक वॉशिंगटन में अमेरिका ने पूरी कोरियोग्राफी नियंत्रित की थी।
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