अमेरिका अब लेफ्ट विंग ग्रुप्स को काउंटरटेररिज्म में करेगा टारगेट
अमेरिका अब लेफ्ट विंग ग्रुप्स पर फोकस करेगा, रूबियो ने किया ऐलान अमेरिका अपनी काउंटरटेररिज्म रणनीति में बदलाव करते हुए अब लेफ्ट विंग ग्रुप्स को टारगेट करेगा।
अमेरिका अपनी काउंटरटेररिज्म रणनीति में बदलाव करते हुए अब लेफ्ट विंग ग्रुप्स को टारगेट करेगा। गुरुवार को वॉशिंगटन में एक बड़े इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इसका ऐलान किया। 60 से ज्यादा देशों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए रूबियो ने कहा कि लेफ्ट विंग हिंसा को अब तक नजरअंदाज किया गया है और इसे रोकने के लिए ग्लोबल काउंटरटेररिज्म प्रयासों में बदलाव की जरूरत है।
"हमें इस खतरे को पहचानना और मैप करना होगा और अपनी काउंटरटेररिज्म रणनीति को फिर से तैयार करना होगा ताकि इसे हराया जा सके," रूबियो ने कहा। उन्होंने लेफ्ट विंग ग्रुप्स को एक ऐसा ट्रांसनेशनल खतरा बताया जो वेस्टर्न वैल्यूज़ का विरोध करता है और राजनीतिक हस्तियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाता है।
काउंटरटेररिज्म के राजनीतिकरण पर चिंता
इस ऐलान के बाद डेमोक्रेटिक नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर काउंटरटेररिज्म को राजनीतिक रंग देने और दूसरे अहम चरमपंथी खतरों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया है।
आलोचकों का यह भी कहना है कि लेफ्ट विंग संगठनों को आतंकी ग्रुप घोषित करने से कानूनी विरोध-प्रदर्शनों पर रोक लग सकती है और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा सकता है। यह चिंता ऐसे वक्त में सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन की काउंटरटेररिज्म प्राथमिकताओं को लेकर बहस चल रही है, जिसे कई लोग तथ्यों पर आधारित नहीं मानते।
ट्रंप प्रशासन का बड़ा एजेंडा
यह नीति बदलाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लंबे समय से लेफ्ट विंग ग्रुप्स, खासकर एंटीफा मूवमेंट, पर फोकस के साथ मेल खाता है। 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने इन ग्रुप्स पर कार्रवाई का वादा किया था और उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। पिछले साल कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की हत्या के बाद ट्रंप और उनके सहयोगियों ने इसे लेफ्ट विंग हिंसा से जोड़ा था, जिसके बाद उनकी बयानबाजी और तेज हो गई।
वॉशिंगटन कॉन्फ्रेंस प्रशासन की इस एजेंडा को इंटरनेशनल लेवल पर ले जाने की अब तक की सबसे बड़ी कोशिश मानी जा रही है, हालांकि इसके डेटा-आधारित तर्क पर सवाल उठ रहे हैं।
क्यों है यह अहम
रूबियो के बयान अमेरिकी काउंटरटेररिज्म पॉलिसी में एक बड़े बदलाव का संकेत देते हैं, जो अब तक मुख्य रूप से इस्लामिक चरमपंथ पर केंद्रित थी। रूबियो ने दावा किया कि ग्लोबल प्रयासों के जरिए इस्लामिक चरमपंथ के खतरे को "काफी हद तक कम" किया गया है। लेकिन लेफ्ट विंग ग्रुप्स पर नया फोकस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक विवादास्पद पहलू जोड़ता है।
यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति पर राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकता है और असली खतरों से निपटने और लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के बीच संतुलन को लेकर सवाल खड़े कर सकता है।
स्रोत: South China Morning Post
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