शुभेंदु अधिकारी का दावा, 2047 में विकसित भारत का सपना बंगाल से पूरा होगा
2047 में 'विकसित भारत' का सपना 'विकसित बंगाल' से होगा पूरा: शुभेंदु पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वादा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2047 तक 'विकसित भारत' का बड़ा सपना
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वादा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2047 तक 'विकसित भारत' का बड़ा सपना पश्चिम बंगाल के विकास से पूरा होगा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बोलते हुए अधिकारी ने राज्य की ऐतिहासिक भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल ने हमेशा राष्ट्रवाद को जन्म दिया है और खुदीराम बोस, मातंगिनी हाजरा जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की धरती रही है।
बंगाल का राष्ट्रीय विकास में योगदान
राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद सभा को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "प्रधानमंत्री का 2047 तक विकसित भारत का सपना विकसित पश्चिम बंगाल के जरिए पूरा होगा।" उन्होंने बंगाल के ऐतिहासिक योगदान की बात करते हुए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर का जिक्र किया। उनकी रचनाएं 'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' आज भी पूरे देश को प्रेरित करती हैं।
अधिकारी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मुखर्जी को "पश्चिम बंगाल का निर्माता" बताया और उनके सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। इस मौके पर मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मनाई गई। कोलकाता के रेड रोड पर स्वतंत्रता दिवस परेड के दौरान उनके सम्मान में एक विशेष झांकी निकाली गई।
बंगाल की विरासत का जश्न
स्वतंत्रता दिवस समारोह में पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को रंगीन झांकियों के जरिए प्रदर्शित किया गया। शुभेंदु अधिकारी ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद पुलिस अधिकारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए मेडल दिए। समारोह में 'वंदे मातरम' और राष्ट्रीय गान का प्रदर्शन किया गया, जो इस प्रतिष्ठित गीत के 150 साल पूरे होने का प्रतीक था। मुखर्जी की विरासत को दर्शाने वाली झांकियों ने देशभक्ति के माहौल को और बढ़ा दिया।
क्यों है यह बयान अहम?
शुभेंदु अधिकारी के बयान से केंद्र सरकार के दीर्घकालिक विकास के विजन के साथ उनकी मजबूत प्रतिबद्धता का संकेत मिलता है। पश्चिम बंगाल को राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का केंद्र बताकर उन्होंने राज्य के ऐतिहासिक योगदान और भविष्य की संभावनाओं को उजागर किया। बंकिम चंद्र, टैगोर और मुखर्जी जैसी हस्तियों पर जोर देकर उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और वैचारिक जड़ों को सामने रखा, जो आज भी देश की पहचान को आकार देती हैं।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शुभेंदु अधिकारी ने 2047 में किस सपने के बारे में बात की?
शुभेंदु अधिकारी ने 2047 में 'विकसित भारत' के सपने के बारे में बात की।
शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के किस ऐतिहासिक योगदान का जिक्र किया?
उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर का जिक्र किया।
मुखर्जी की 125वीं जयंती कब मनाई गई?
मुखर्जी की 125वीं जयंती स्वतंत्रता दिवस पर मनाई गई।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में क्या प्रदर्शित किया गया?
समारोह में पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को रंगीन झांकियों के जरिए प्रदर्शित किया गया।
शुभेंदु अधिकारी ने किसे 'पश्चिम बंगाल का निर्माता' बताया?
उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को 'पश्चिम बंगाल का निर्माता' बताया।
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