गुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामा
बुलंदशहर के जहांगीराबाद ब्लॉक के गांव गुरावली में बुधवार को आंगनवाड़ी केंद्र बंद मिलने पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
बुलंदशहर के जहांगीराबाद ब्लॉक के गांव गुरावली में बुधवार को आंगनवाड़ी केंद्र बंद मिलने पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह केंद्र पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है, जिससे छोटे बच्चों को पोषाहार नहीं मिल रहा और केंद्र की सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतें करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है।
गांव के विक्की सिंह, श्रीपाल, सुखपाल सिंह, पिंटू सिंह, प्रेम सिंह और अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र की दोनों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लापरवाह हैं और शिकायत करने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) से भी की गई थी। इसके बाद जहांगीराबाद से सुपरवाइजर बबीता सिंह ने केंद्र का निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें भी केंद्र बंद मिला और दोनों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गायब थीं।
सुपरवाइजर ने दोनों कार्यकर्ताओं को फोन पर फटकार लगाई और केंद्र खोलने का निर्देश दिया। हालांकि, निर्देश के बावजूद केंद्र को नहीं खोला गया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को पोषाहार नहीं मिल रहा, जिससे उनका स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे।
सुपरवाइजर बबीता सिंह ने बताया कि दोनों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया गया है और उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अगर जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में जल्द समाधान की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरावली में आंगनवाड़ी केंद्र क्यों बंद है?
गुरावली में आंगनवाड़ी केंद्र पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है, जिससे बच्चों को पोषाहार नहीं मिल रहा है।
ग्रामीणों ने हंगामा क्यों किया?
ग्रामीणों ने हंगामा किया क्योंकि केंद्र बंद होने से बच्चों को पोषाहार नहीं मिल रहा और उनकी शिकायतों का कोई समाधान नहीं हो रहा।
सुपरवाइजर ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश दिया?
सुपरवाइजर बबीता सिंह ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्र खोलने का निर्देश दिया।
अगर केंद्र नहीं खोला गया तो ग्रामीण क्या करेंगे?
अगर केंद्र जल्द नहीं खोला गया, तो ग्रामीण जिलाधिकारी से शिकायत करने की चेतावनी दे रहे हैं।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया गया है और उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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