दिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
नेपाल-दिल्ली चरस नेटवर्क: सोशल मीडिया, बाइक टैक्सी और ऑटो से ऐसे चल रहा था ड्रग्स का खेल दिल्ली पुलिस ने पकड़ा ₹109 करोड़ का चरस नेटवर्क, नेपाल से जुड़े तार दिल्ली पुलिस की साउथ डिस्ट्रिक्ट टीम ने एक
नेपाल-दिल्ली चरस नेटवर्क: सोशल मीडिया, बाइक टैक्सी और ऑटो से ऐसे चल रहा था ड्रग्स का खेल
दिल्ली पुलिस ने पकड़ा ₹109 करोड़ का चरस नेटवर्क, नेपाल से जुड़े तार
दिल्ली पुलिस की साउथ डिस्ट्रिक्ट टीम ने एक बड़े इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 4 नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया और 106.250 किलो हाई-ग्रेड चरस जब्त की, जिसकी कीमत करीब ₹109 करोड़ आंकी गई है। डेढ़ महीने तक चले इस ऑपरेशन में पता चला कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया, लोकल ट्रांसपोर्ट और गुप्त गोदामों का इस्तेमाल कर नेपाल से दिल्ली तक चरस पहुंचा रहा था।
वजीराबाद में मिला बड़ा स्टोरेज हब
जांच की शुरुआत 29 जून को कोटला मुबारकपुर इलाके में 8.598 किलो चरस की बरामदगी से हुई। यहां से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया: भरत थापा (32), गोविंद बुढ़ा (32) और ज्योति पुन मगर (50)। पूछताछ में पता चला कि वजीराबाद में रोशनी मगर (32) एक बड़ा स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर चला रही थी।
12 अगस्त को पुलिस ने वजीराबाद में छापा मारा और 97.652 किलो चरस बरामद की, जो 13 प्लास्टिक बैग्स में पैक थी। यहां से एक मिक्सिंग मशीन और पैकेजिंग का सामान भी मिला। जानकारी के मुताबिक, ये ड्रग्स नेपाल के रुकुम जिले से लाई गई थी और सोनौली बॉर्डर के जरिए भारत में पहुंचाई गई। पुलिस ने बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए ये सिंडिकेट सड़क मार्ग का इस्तेमाल करता था।
सोशल मीडिया और लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल
ड्रग्स दिल्ली पहुंचने के बाद इसे अलग-अलग जगहों पर स्टोर किया जाता था और डिमांड के हिसाब से छोटी-छोटी पैकेजिंग में बांटा जाता था। ऑर्डर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे टेलीग्राम पर कोऑर्डिनेट किए जाते थे। पेमेंट कैश और डिजिटल बैंकिंग के जरिए होती थी। पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी अपने डिजिटल कम्युनिकेशन को रूटीन में डिलीट कर देते थे।
लोकल डिस्ट्रीब्यूशन के लिए ये नेटवर्क ऑटो रिक्शा और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करता था। वजीराबाद और मजनूं का टीला जैसे इलाके, जहां युवा और नाइटलाइफ हब (पब, बार, होटल) ज्यादा हैं, इस नेटवर्क के मुख्य टारगेट थे।
नेपाल लिंक और अहम किरदारों पर जांच
रोशनी मगर, जो पहले से गिरफ्तार आरोपियों के साथ काम कर चुकी थी, जून में हुई शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद नेपाल भाग गई थी। जब उसे लगा कि मामला ठंडा पड़ गया है, तो वह भारत लौट आई और फिर से ऑपरेशन शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस ने छापेमारी के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने नेपाल के दो और नागरिकों, बिनमाया और हरी, की पहचान की है। बिनमाया पर आरोप है कि वह सोनौली बॉर्डर से दिल्ली तक चरस पहुंचाने में मदद करता था, जबकि हरी को सप्लायर माना जा रहा है। इनकी भूमिका और फाइनेंशियल कनेक्शन की जांच जारी है।
फाइनेंशियल ट्रेल पर फोकस
अब पुलिस नेटवर्क के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन्स को ट्रेस कर रही है ताकि ड्रग्स की फंडिंग, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े बाकी लोगों का पता लगाया जा सके। इस जांच में नेपाल स्थित सिंडिकेट के और भी सुराग मिले हैं।
यह ऑपरेशन दिखाता है कि ड्रग तस्करी के नेटवर्क कितने एडवांस हो चुके हैं और कैसे ये टेक्नोलॉजी और लोकल लॉजिस्टिक्स का इस्तेमाल कर कानून से बचने की कोशिश करते हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सप्लाई चेन को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन जांच अभी खत्म नहीं हुई है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिल्ली पुलिस ने कितने करोड़ का चरस नेटवर्क पकड़ा?
दिल्ली पुलिस ने ₹109 करोड़ का चरस नेटवर्क पकड़ा।
इस ड्रग नेटवर्क में कितने नेपाली नागरिक गिरफ्तार हुए?
इस ड्रग नेटवर्क में 4 नेपाली नागरिक गिरफ्तार हुए।
पुलिस ने चरस की कितनी मात्रा जब्त की?
पुलिस ने 106.250 किलो हाई-ग्रेड चरस जब्त की।
ड्रग्स को दिल्ली तक पहुंचाने के लिए कौन-कौन से साधनों का इस्तेमाल किया गया?
ड्रग्स को दिल्ली तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, लोकल ट्रांसपोर्ट, ऑटो रिक्शा और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस की जांच में किस तरह के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन्स पर ध्यान दिया जा रहा है?
पुलिस नेटवर्क के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन्स को ट्रेस कर रही है ताकि ड्रग्स की फंडिंग और सप्लाई से जुड़े बाकी लोगों का पता लगाया जा सके।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।