तमिलनाडु विधानसभा में महिला विधायकों का 'मेडन स्पीच' नाम बदलने का कदम
महिला विधायकों ने तमिलनाडु विधानसभा में पहले भाषण के लिए 'कन्नी पेचु' शब्द की जगह जेंडर-न्यूट्रल विकल्प रखने की अपील की।
विरोधी पार्टियों की दो महिला विधायकों ने तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर से कहा है कि किसी सांसद के पहले भाषण के लिए इस्तेमाल होने वाले जेंडर वाले शब्द कन्नी पेचु — यानी "मेडन स्पीच" — की जगह कोई न्यूट्रल विकल्प रखा जाए।
PMK की सदन में नेता सौम्या अनबुमणि और CPI(M) की सदस्य लता ने गुरुवार को मिलकर यह मुद्दा उठाया और कहा कि यह पारंपरिक तमिल शब्द पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा देता है। सुश्री सौम्या ने जेंडर-न्यूट्रल विकल्प के तौर पर अरिमुगा उरै (परिचयात्मक भाषण) या मुदल उरै (पहला भाषण) सुझाया।
स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर ने स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन से राय मांगी और मंत्री ने कहा कि इन सुझावों "पर विचार किया जा सकता है"। उन्होंने बताया कि BJP विधायक वानति श्रीनिवासन ने भी पहले यही बात उठाई थी और तब के स्पीकर ने इसे जांचने पर सहमति जताई थी।
क्यों अहम है यह मुद्दा
यह हस्तक्षेप एक ऐसे सदन में भाषाई सुधार पर दुर्लभ क्रॉस-पार्टी सहमति को दिखाता है जहां विचारधारा के मतभेद अक्सर बहस पर हावी रहते हैं। तमिल में कन्नी शब्द पवित्रता और कौमार्य से जुड़े अर्थ रखता है, इसलिए संसदीय प्रक्रिया में इसका इस्तेमाल उन लोगों के लिए प्रतीकात्मक मुद्दा है जो आधिकारिक भाषा को जेंडर के रंग से मुक्त करना चाहते हैं।
यह नया दबाव निरंतरता को भी दिखाता है: इस बात से पता चलता है कि पहले एक BJP विधायक ने यह मामला उठाया था लेकिन कोई हल नहीं निकला, जो संस्थागत जड़ता की ओर इशारा करता है, और अब PMK और CPI(M) सदस्यों की अपील विधानसभा नेतृत्व पर कदम उठाने का दबाव बनाए रखती है।
स्पीकर ने अलग से घोषणा की कि प्रश्नकाल गुरुवार, 27 अगस्त से फिर से शुरू होगा।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तमिलनाडु विधानसभा में महिला विधायकों ने क्या बदलाव मांगा है?
महिला विधायकों ने कहा है कि किसी सांसद के पहले भाषण के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द 'कन्नी पेचु' (मेडन स्पीच) को किसी जेंडर-न्यूट्रल विकल्प से बदला जाए। उन्होंने 'अरिमुगा उरै' (परिचयात्मक भाषण) या 'मुदल उरै' (पहला भाषण) जैसे विकल्प सुझाए हैं।
यह मुद्दा कौन-कौन से विधायकों ने उठाया?
PMK की सदन में नेता सौम्या अनबुमणि और CPI(M) की सदस्य लता ने गुरुवार को मिलकर यह मुद्दा तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर के पास रखा।
'कन्नी पेचु' शब्द से क्या समस्या है?
तमिल में 'कन्नी' का मतलब पवित्रता और कौमार्य से जुड़ा है। विधायकों का मानना है कि यह शब्द पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा देता है और संसदीय भाषा को जेंडर के रंग से मुक्त करने में बाधा डालता है।
क्या यह मुद्दा पहले भी किसी ने उठाया था?
हां, BJP विधायक वानति श्रीनिवासन ने पहले यह बात उठाई थी और तब के स्पीकर ने इसे जांचने पर सहमति दी थी, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ।
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