News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
मुरैना में खेत की मेड़ विवाद के बाद युवक की मौत, चार घायलमधुबनी में गड्ढे में जाने के बाद बोलेरो पलटी, पुलिस चालक की मौतसीवान में चाय विवाद में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या की खबरबच्चों के विवाद में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; कुल्हाड़ी बरामदशामली में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलटी, चालक समेत दो युवकों की मौतशामली में विवाद सुलझाने पहुंची डायल 112 गाड़ी पर पथराव, चालक घायलग्वालियर GRMC में कथित मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़तालबेटी के इलाज को तीन दिन भटके पिता, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
National Official source

स्विस वैज्ञानिकों ने डेयरी और टोफू वेस्ट से कार्बन कैप्चर किया

डेयरी और टोफू वेस्ट से कार्बन कैप्चर करना मुमकिन, स्विस वैज्ञानिकों ने खोज की

स्विस वैज्ञानिकों ने डेयरी और टोफू वेस्ट से कार्बन कैप्चर किया
News Darpan AI image

डेयरी और टोफू प्रोडक्शन से निकलने वाले प्रोटीन-युक्त वेस्ट को कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़ने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ये दावा ETH Zurich के रिसर्चर्स ने किया है। उन्होंने एक तरीका विकसित किया है जिसमें इन बायप्रोडक्ट्स से प्रोटीन निकाला जाता है और उसे पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड के साथ मिलाकर छिद्रयुक्त बीड्स बनाए जाते हैं, जो CO2 को ट्रैप कर सकते हैं।

डेयरी और टोफू प्रोडक्शन में बड़ी मात्रा में प्रोटीन-युक्त लिक्विड वेस्ट निकलता है, जिसे अक्सर फूड मैन्युफैक्चरिंग में दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता। हवा से कार्बन डाइऑक्साइड हटाने की प्रक्रिया, जिसे डायरेक्ट एयर कैप्चर (DAC) कहते हैं, ग्लोबल क्लाइमेट प्रयासों का अहम हिस्सा रही है। ETH Zurich के वैज्ञानिक, जिनका नेतृत्व मटीरियल साइंटिस्ट राफाएल मेज़ेंगा कर रहे हैं, ने अपनी स्टडी Proceedings of the National Academy of Sciences (PNAS) जर्नल में प्रकाशित की है।

स्टडी में पता चला कि कार्बन कैप्चरिंग बीड्स ने लैब टेस्ट में मौजूदा DAC टेक्नोलॉजी से बेहतर प्रदर्शन किया। ये बीड्स एक केमिकल रिएक्शन पर काम करते हैं: जब इन्हें हवा में रखा जाता है, तो इनके अंदर मौजूद पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड कार्बन डाइऑक्साइड के साथ रिएक्ट करता है और उसे हाइड्रोजन कार्बोनेट में बदल देता है। इससे CO2 को वातावरण से हटाया जा सकता है।

ये मटीरियल, जिसे स्पंज जैसा बताया गया है, बड़ी मात्रा में CO2 को सोख सकता है और इसे 30 बार तक दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, बिना ज्यादा एफिशिएंसी खोए। टेस्टिंग में पाया गया कि प्रोटीन-बेस्ड बीड्स का एक ग्राम 97 मिलीग्राम CO2 को कैप्चर कर सकता है। इसका मतलब है कि एक किलो मटीरियल लगभग 100 ग्राम CO2 को हटाने में सक्षम हो सकता है।

ये नया तरीका पारंपरिक DAC टेक्नोलॉजी से 10 से 50 प्रतिशत ज्यादा एफिशिएंट है, जो क्लाइमेट चेंज से लड़ने में एक बड़ी उम्मीद जगाता है। हालांकि, DAC प्रक्रिया अब भी एनर्जी-इंटेंसिव और महंगी है, जिससे इसे बड़े पैमाने पर लागू करना चुनौतीपूर्ण है।

ETH Zurich DAC इनोवेशन में सबसे आगे रहा है। इसकी स्पिन-ऑफ कंपनी Climeworks ने इस टेक्नोलॉजी को कमर्शियलाइज करने की शुरुआत की थी। इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) ने जोर दिया है कि ऐसी टेक्नोलॉजी चाहिए जो वातावरण से अरबों टन कार्बन डाइऑक्साइड हटाने में सक्षम हो। ऐसे एडवांसमेंट्स ग्लोबल क्लाइमेट मिटिगेशन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्विस वैज्ञानिकों ने डेयरी और टोफू वेस्ट से क्या बनाया है?

ETH Zurich के रिसर्चर्स ने डेयरी और टोफू प्रोडक्शन के प्रोटीन-युक्त वेस्ट से पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड के साथ मिलाकर छिद्रयुक्त बीड्स बनाए हैं। ये बीड्स हवा से कार्बन डाइऑक्साइड को ट्रैप कर सकते हैं।

ये नई तकनीक पारंपरिक तरीके से कितनी ज्यादा असरदार है?

ये नया तरीका पारंपरिक डायरेक्ट एयर कैप्चर (DAC) टेक्नोलॉजी से 10 से 50 प्रतिशत ज्यादा एफिशिएंट है। प्रोटीन-बेस्ड बीड्स का एक ग्राम 97 मिलीग्राम CO2 को कैप्चर कर सकता है।

ये बीड्स कितनी बार दोबारा इस्तेमाल किए जा सकते हैं?

ये स्पंज जैसे मटीरियल को 30 बार तक दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, बिना ज्यादा एफिशिएंसी खोए।

इस रिसर्च को कहां प्रकाशित किया गया है?

ETH Zurich के मटीरियल साइंटिस्ट राफाएल मेज़ेंगा की टीम की स्टडी Proceedings of the National Academy of Sciences (PNAS) जर्नल में प्रकाशित की गई है।

DAC तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने में क्या समस्या है?

DAC प्रक्रिया अब भी बहुत एनर्जी-इंटेंसिव और महंगी है, जिससे इसे बड़े पैमाने पर लागू करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप

  2. 2

    शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान

  3. 3

    शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप

  4. 4

    हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …

  5. 5

    गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।