असम के जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान हादसे में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह की अंतिम यात्रा देहरादून में शुरू हुई।
पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जाया गया।
हादसे में 5 जवान शहीद हुए।
असम के जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान हादसे में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह की अंतिम यात्रा देहरादून में शुरू हुई।
पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जाया गया।
हादसे में 5 जवान शहीद हुए।

Mourners pay tribute to Squadron Leader Prashant Singh durin · NewsDarpan AI
असम के जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान हादसे में शहीद हुए देहरादून के स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह की अंतिम यात्रा शुरू हो गई है। सेना के वाहन में उनका पार्थिव शरीर किशन बहादुर थापा मार्ग स्थित श्मशान घाट ले जाया जा रहा है। रास्ते भर स्थानीय लोग 'प्रशांत सिंह अमर रहें' के नारे लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इससे पहले सेलाकुई स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले। पार्थिव शरीर देखते ही उनकी मां बेसुध हो गईं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, रिश्तेदार और वायुसेना के अधिकारी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। प्रशांत सिंह महज 32 साल के थे और उनकी शादी करीब डेढ़ साल पहले 23 नवंबर 2024 को हुई थी।
शनिवार सुबह जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान हुए AN-32 विमान हादसे में प्रशांत समेत 5 वायुसेना के जवान शहीद हो गए थे। भारतीय वायुसेना के अनुसार, हादसा सुबह करीब 10 बजे जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन परिसर के भीतर हुआ। विमान टचडाउन के दौरान रनवे पर फिसल गया और टैक्सीवे की ओर बढ़ते हुए दो हिस्सों में टूट गया। दुर्घटना के बाद विमान में आग लग गई। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीमों ने को-पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 5 अन्य जवानों की जान नहीं बचाई जा सकी। घायल को-पायलट का इलाज जोरहाट के सैन्य अस्पताल में चल रहा है।
हादसे में शहीद हुए जवानों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह (देहरादून), फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार (बिहार), सार्जेंट जितेंद्र शर्मा (अलीगढ़), अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत (राजस्थान) और अग्निवीर वायु दानिश आलम (बिहार) शामिल हैं।