मैसूरु अस्पताल में 24 घंटे में 8 ICU मरीजों की मौत, विवाद बढ़ा
24 घंटे में 8 ICU मरीजों की मौत पर विवाद, मैसूरु अस्पताल ने लापरवाही से इनकार किया मैसूरु: श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च, मैसूरु में 24 घंटे के अंदर ICU में 8 मरीजों
मैसूरु: श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च, मैसूरु में 24 घंटे के अंदर ICU में 8 मरीजों की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लगे हैं कि ये मौतें मेडिकल लापरवाही और स्टाफ की कमी के कारण हुईं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि 12 मरीजों की मौत हुई है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
बुधवार को अस्पताल ने बयान जारी कर बताया कि सोमवार आधी रात से मंगलवार आधी रात के बीच 8 मरीजों की मौत हुई। सभी मरीज गंभीर दिल की बीमारियों का इलाज करवा रहे थे।
मृतकों में दो 80 साल से ऊपर के, एक 70 साल का, चार 55 से 64 साल के और एक 43 साल का व्यक्ति शामिल था। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. बी. दिनेश ने रिकॉर्ड की जांच के बाद कहा कि मौतें स्टाफ की कमी या लापरवाही के कारण नहीं हुईं। उन्होंने बताया कि मरीज 2-3 दिन से इलाज करवा रहे थे और गंभीर जटिलताओं और कई अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे।
डॉ. दिनेश ने माना कि मौतों की संख्या असामान्य है, लेकिन कहा कि मरीजों की हालत अस्पताल में आने वाले केस प्रोफाइल के मुताबिक थी। उन्होंने वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों पर भी सफाई दी, जिसमें सुविधाओं की कमी का जिक्र था। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ है और सिर्फ 5% स्टाफ की कमी है।
अस्पताल ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है और कहा है कि मौतें मरीजों की गंभीर हालत के कारण हुईं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मैसूरु अस्पताल में कितने ICU मरीजों की मौत हुई?
मैसूरु अस्पताल में 24 घंटे के अंदर 8 ICU मरीजों की मौत हुई।
अस्पताल ने मौतों के पीछे किस कारण का दावा किया?
अस्पताल ने कहा कि मौतें मेडिकल लापरवाही या स्टाफ की कमी के कारण नहीं हुईं।
मृतकों की उम्र क्या थी?
मृतकों में दो 80 साल से ऊपर के, एक 70 साल का, चार 55 से 64 साल के और एक 43 साल का व्यक्ति शामिल था।
अस्पताल ने स्टाफ की कमी के बारे में क्या कहा?
अस्पताल ने कहा कि केवल 5% स्टाफ की कमी है और पर्याप्त स्टाफ मौजूद है।
डॉ. बी. दिनेश ने मौतों की संख्या को कैसे बताया?
डॉ. बी. दिनेश ने कहा कि मौतों की संख्या असामान्य है, लेकिन मरीजों की हालत गंभीर थी।
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