एफसीआई में नौकरी देने का झांसा, युवक से डेढ़ लाख की ठगी
प्रतापगढ़ के कंधई थाना इलाके में एफसीआई यानी भारतीय खाद्य निगम में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से 1.44 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
प्रतापगढ़ के कंधई थाना इलाके में एफसीआई यानी भारतीय खाद्य निगम में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से 1.44 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सुल्तानपुर जिले के रहने वाले उदय प्रकाश सरोज ने प्रतापगढ़ के नारायणपुर निवासी अवधेश वर्मा पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने आरोपी पर जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने का भी इल्जाम लगाया है।
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, उदय प्रकाश और अवधेश पुराने सहपाठी थे और इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर अवधेश ने उन्हें अपने झांसे में ले लिया। साल 2021 में अवधेश ने अपने एक रिश्तेदार को एफसीआई में प्रभावशाली अफसर बताते हुए उदय प्रकाश को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। उस वक्त उदय प्रकाश शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे थे। नौकरी की उम्मीद में उन्होंने अलग-अलग किस्तों में बैंक अकाउंट के जरिये एक लाख रुपये और 44 हजार रुपये नकद अवधेश को दे दिए।
पैसे लेने के बाद अवधेश लगातार नौकरी लगवाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन नियुक्ति नहीं हुई। जब उदय प्रकाश ने जानकारी मांगी तो वह टालमटोल करता रहा। लंबे समय बाद जब नौकरी नहीं मिली तो उदय प्रकाश को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि रुपये लौटाने की बजाय अवधेश ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और घर आने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और रकम वापस दिलाने की मांग की है। कंधई एसओ आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच चल रही है और जांच के बाद नियमों के मुताबिक जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस ठगी का मामला किस जिले में सामने आया है?
यह मामला प्रतापगढ़ के कंधई थाना इलाके में सामने आया है। पीड़ित सुल्तानपुर जिले का रहने वाला है और आरोपी प्रतापगढ़ के नारायणपुर में रहते हैं।
युवक से कितने रुपये की ठगी हुई?
युवक से कुल 1.44 लाख रुपये की ठगी हुई। इसमें 1 लाख रुपये बैंक अकाउंट के जरिये और 44 हजार रुपये नकद दिये गये थे।
आरोपी ने नौकरी दिलवाने का क्या बहाना बनाया?
आरोपी ने अपने एक रिश्तेदार को एफसीआई में प्रभावशाली अफसर बताया और कहा कि वह उसे सरकारी नौकरी दिला सकता है। दोनों पुराने सहपाठी थे, जिस कारण पीड़ित को विश्वास हो गया।
यह ठगी कब से चली आ रही है?
यह ठगी साल 2021 से शुरू हुई। आरोपी लंबे समय तक नौकरी लगवाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन कभी नियुक्ति नहीं हुई।
पैसे न मिलने पर आरोपी ने क्या किया?
जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने जातिसूचक गालियां दीं और उसके घर आने पर जान से मारने की धमकी दी।
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