बहराइच में वन विभाग ने मवेशियों का शिकार करने वाले तेंदुए को रेस्क्यू किया
बहराइच के मोतीपुर रेंज के गुलेरिया जगतापुर गांव से वन विभाग ने बीती रात करीब 12 बजे एक नर तेंदुए को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया।
बहराइच के मोतीपुर रेंज के गुलेरिया जगतापुर गांव से वन विभाग ने बीती रात करीब 12 बजे एक नर तेंदुए को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। करीब 5 से 6 साल के इस तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया गया, जिसे वन विभाग ने पहले से ही संवेदनशील जगह पर लगा रखा था। कतरनियाघाट वन्यजीव डिवीजन के इलाके में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए लगातार मवेशियों का शिकार कर रहे थे और इसकी वजह से गांव वालों में डर का माहौल बना हुआ था।
तेंदुए की बार-बार आवाजाही और जानवरों के नुकसान को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए पिंजरा लगाया था। आधी रात को तेंदुआ इस पिंजरे में फंस गया। रेस्क्यू के बाद तेंदुए को सुरक्षित तरीके से सेफ हाउस में ले जाया गया है। पशु डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में बताया कि तेंदुआ पूरी तरह से हेल्दी और एक्टिव है।
अब आगे की कार्रवाई सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर और NTCA प्रोटोकॉल के मुताबिक की जाएगी। खास बात यह है कि पिछले 35 दिनों में कतरनियाघाट डिवीजन में यह सातवां तेंदुआ है जिसे रेस्क्यू किया गया है। इससे साफ होता है कि इस इलाके में इंसान और जंगली जानवरों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है।
वन विभाग लगातार सतर्कता बरत रहा है ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा की जा सके और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके। विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जंगल के आसपास सावधान रहें और किसी भी जंगली जानवर की जानकारी तुरंत नजदीकी वन चौकी या वन अधिकारियों को दें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच में वन विभाग ने कौन सा जानवर रेस्क्यू किया?
बहराइच के मोतीपुर रेंज के गुलेरिया जगतापुर गांव से वन विभाग ने एक नर तेंदुए को रेस्क्यू किया। यह तेंदुआ करीब 5 से 6 साल का था और मवेशियों का शिकार कर रहा था।
तेंदुए को कैसे पकड़ा गया?
गांव में लगातार मवेशियों के नुकसान को देखते हुए वन विभाग ने संवेदनशील जगह पर पिंजरा लगा रखा था। आधी रात करीब 12 बजे तेंदुआ इसी पिंजरे में फंस गया और सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया।
तेंदुए की सेहत कैसी है?
पशु डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में बताया कि तेंदुआ पूरी तरह से हेल्दी और एक्टिव है। रेस्क्यू के बाद इसे सुरक्षित तरीके से सेफ हाउस में ले जाया गया है।
इस इलाके में कितने तेंदुए रेस्क्यू किए गए हैं?
पिछले 35 दिनों में कतरनियाघाट डिवीजन में यह सातवां तेंदुआ है जिसे रेस्क्यू किया गया है। इससे पता चलता है कि इस इलाके में इंसान और जंगली जानवरों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है।
गांव वालों को क्या सलाह दी गई है?
वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जंगल के आसपास सावधान रहें और किसी भी जंगली जानवर की जानकारी तुरंत नजदीकी वन चौकी या वन अधिकारियों को दें।
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