बाढ़ से भाग रहे तेंदुए, बहराइच में 30 दिनों में छठा रेस्क्यू
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककराहा रेंज इलाके में 19 अगस्त 2026 की रात 11 बजकर 50 मिनट पर वन विभाग ने एक वयस्क नर तेंदुए को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया।
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककराहा रेंज इलाके में 19 अगस्त 2026 की रात 11 बजकर 50 मिनट पर वन विभाग ने एक वयस्क नर तेंदुए को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। ढोढ़ेपुरवा पचसा बेझा गांव क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में यह तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया। करीब 8 से 9 साल उम्र के इस तेंदुए का वजन 45 से 50 किलोग्राम के बीच बताया जा रहा है। पशु चिकित्सक द्वारा इसका शुरुआती स्वास्थ्य परीक्षण पूरा हो चुका है और प्रोटोकॉल के मुताबिक आगे की जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
यह पिछले 30 दिनों में कतर्नियाघाट प्रभाग में पकड़ा गया छठा तेंदुआ है। इतनी बड़ी संख्या में तेंदुओं के आबादी वाले इलाकों में आने की वजह घाघरा नदी में लगातार बढ़ता जलस्तर है। फिलहाल घाघरा खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पानी बढ़ने से वन्यजीव सुरक्षित जगह की तलाश में गांवों और बस्तियों की तरफ आ रहे हैं, जिससे इंसानों और जानवरों के बीच टकराव का खतरा बढ़ गया है।
इस स्थिति को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। विभाग की गश्ती टीमें 24 घंटे लगातार निगरानी कर रही हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए हैं। मानसून के दौरान घनी झाड़ियों और लंबी घासों में वन्यजीव आसानी से छिप सकते हैं, इसलिए विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।
वन विभाग ने स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। ग्रामीणों से अनुरोध किया गया है कि खेतों में हमेशा 4 से 5 लोगों के समूह में जाएं, अकेले बिल्कुल न निकलें। सुबह जल्दी और देर शाम खेतों की तरफ न जाएं। बच्चों को अंधेरे में घर के बाहर अकेले न घूमने दें। किसी भी वन्यजीव को देखने पर भीड़ न लगाएं और तुरंत नजदीकी वन चौकी या वन अधिकारियों को सूचना दें। विभाग ने कहा है कि वे जनता और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और सभी से सहयोग की अपील की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच में पिछले 30 दिनों में कितने तेंदुए पकड़े गए हैं?
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में पिछले 30 दिनों में छठा तेंदुआ पकड़ा गया है। इनमें सबसे हाल का रेस्क्यू 19 अगस्त 2026 की रात को हुआ।
तेंदुए आबादी वाले इलाकों में क्यों आ रहे हैं?
घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पानी बढ़ने से वन्यजीव सुरक्षित जगह की तलाश में गांवों और बस्तियों की तरफ आ रहे हैं।
ग्रामीणों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
खेतों में हमेशा 4 से 5 लोगों के समूह में जाएं, अकेले न निकलें। सुबह जल्दी और देर शाम खेतों न जाएं। बच्चों को अंधेरे में घर के बाहर अकेले न घूमने दें। किसी भी वन्यजीव को देखने पर तुरंत नजदीकी वन चौकी को सूचित करें।
19 अगस्त को पकड़े गए तेंदुए की क्या खासियत थी?
यह एक वयस्क नर तेंदुआ था, जिसकी उम्र करीब 8 से 9 साल और वजन 45 से 50 किलोग्राम था। इसे ढोढ़ेपुरवा पचसा बेझा गांव क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा गया।
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