बहराइच में पकड़े गए तेंदुए को जंगल में छोड़ने की तैयारी
बहराइच के कतर्नियाघाट इलाके में ककरहा रेंज के इलाके में एक तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया है।
बहराइच के कतर्नियाघाट इलाके में ककरहा रेंज के इलाके में एक तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया है। वन विभाग ने बताया कि तेंदुए का पूरा स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी सघन वन क्षेत्र में छोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत ककरहा रेंज के ग्राम पंचायत गोपिया के मजरा रामसहाय पुरवा और आसपास के इलाकों से लगातार तेंदुए की आवाजाही और मवेशियों के शिकार की शिकायतें मिल रही थीं। सुबह की गश्त के दौरान नियमित रूप से तेंदुए के पदचिह्न यानी पगमार्क पाए जा रहे थे, जिसकी वजह से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था।
इलाके के स्थानीय निवासियों ने लिखित और मौखिक दोनों तरीके से वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने का अनुरोध किया था। ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीव नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए 9 सितंबर, 2026 को इलाके में पिंजरा लगाया गया था।
लगातार निगरानी करने के बाद 14 सितंबर, 2026 को तड़के लगभग 2:45 बजे तेंदुआ सफलतापूर्वक पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए को पकड़ने के बाद उसे एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
वन विभाग द्वारा की गई शुरुआती जांच के मुताबिक यह एक नर तेंदुआ है और इसकी अनुमानित उम्र 6 से 7 वर्ष के बीच है। तेंदुए का वजन लगभग 45 से 50 किलोग्राम है।
तेंदुए की सेहत की स्थिति की बात करें तो पशु चिकित्सक डॉ. दीपक ने तेंदुए का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया है। इस परीक्षण में तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ पाया गया है और उसे वन क्षेत्र में पुनर्वासित यानी रिलीज किए जाने के योग्य पाया गया है।
वन विभाग ने बताया कि तेंदुए को उच्चाधिकारियों और शासन द्वारा तय किए गए मानकों के मुताबिक जरूरी अनुमतियां हासिल करके जल्द ही उसके सुरक्षित प्राकृतिक आवास यानी सघन वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।
तेंदुआ-मानव संघर्ष से बचने के लिए वन विभाग ने सभी इलाके के लोगों और ग्रामीणों से सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील की है। तेंदुए या दूसरे वन्यजीवों के साथ टकराव की आशंका को कम करने के लिए विभाग ने कई खास बातों का ध्यान रखने को कहा है।
वन विभाग ने सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय, खासकर अंधेरे में, लोग अकेले बाहर न निकलें। खेतों या सुनसान रास्तों पर जाते वक्त हमेशा 2-3 लोगों के समूह में जाएं और हाथ में लाठी रखें।
विभाग ने यह भी कहा है कि लोग खुले में शौच के लिए न जाएं, बल्कि घरों में बने शौचालय का इस्तेमाल करें। रात के समय खेतों या रास्तों में चलते वक्त टॉर्च का इस्तेमाल जरूर करें और जोर-जोर से बातचीत करें, गाना गाएं या लाठी जमीन पर पटकते हुए चलें ताकि वन्यजीव सतर्क होकर दूर हट जाएं।
वन विभाग ने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी हिदायत दी है। लोगों से कहा गया है कि अपने पशुओं और मवेशियों को बाड़े के अंदर सुरक्षित बांधकर रखें और बाड़े में पर्याप्त रोशनी का इंतजाम करें।
छोटे बच्चों को अकेले घर से बाहर न जाने दें और उन पर लगातार नजर रखें। अपने घरों और पशुशालाओं के आसपास उगी झाड़ियों की नियमित सफाई करें ताकि वन्यजीवों को छिपने की जगह न मिले।
वन विभाग ने लोगों से कहा है कि अफवाहों और उत्तेजना से बचें। तेंदुए या किसी भी खतरनाक वन्यजीव को देखने पर उसे घेरने, उकसाने या उस पर पथराव करने की कोशिश न करें। वन्यजीव को निकलने का रास्ता दें और फौरन वन विभाग को सूचना दें।
अगर रिहायशी इलाकों के आसपास किसी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी वन कर्मी या रेंज कार्यालय को सूचित करना चाहिए।
प्रभागीय वनाधिकारी यानी DFO, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग, बहराइच की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वन विभाग की टीम इलाके में लगातार गश्त कर रही है और हालात पर पूरी नजर बनाए हुए है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच में तेंदुए को कब पकड़ा गया?
तेंदुए को 14 सितंबर 2026 को तड़के लगभग 2:45 बजे पिंजरे में पकड़ा गया था। वन विभाग ने 9 सितंबर से इलाके में निगरानी और पिंजरा लगाया था।
तेंदुए की सेहत कैसी है और इसे कहां छोड़ा जाएगा?
पशु चिकित्सक ने पूरी तरह स्वास्थ्य परीक्षण के बाद तेंदुए को पूरी तरह स्वस्थ पाया है। इसे जल्द ही वन विभाग की अनुमति लेकर अपने प्राकृतिक आवास यानी सघन वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।
तेंदुए की क्या खासियतें हैं?
यह एक नर तेंदुआ है, इसकी अनुमानित उम्र 6 से 7 साल के बीच है और वजन 45 से 50 किलोग्राम है।
तेंदुए-मानव संघर्ष से बचने के लिए लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
सुबह-शाम अंधेरे में अकेले न निकलें, खेतों में 2-3 लोगों के साथ जाएं, रात को टॉर्च लगाएं और शोर मचाते हुए चलें। मवेशियों को बाड़े में बांधकर रखें और घर के आसपास झाड़ियों की सफाई करें।
तेंदुए को पकड़ने की जरूरत क्यों पड़ी?
इस इलाके से लगातार तेंदुए की आवाजाही और मवेशियों के शिकार की शिकायतें आ रही थीं। ग्रामीणों के भय और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने का फैसला लिया।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 4
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।