मुख्यमंत्री ने सेक्शन 22A में गलत दर्ज निजी जमीनों की तुरंत समीक्षा के आदेश दिए
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सेक्शन 22A में गलती से लिस्टेड निजी जमीनों की तुरंत समीक्षा के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने सेक्शन 22ए की जमीनों को लेकर दूर किए शंका, कहा सरकार मालिकों के अधिकारों की रक्षा करेगी
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दो दिन के अंदर पता लगाएं कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए बुक की गई कौन सी जमीनें गलती से सेक्शन 22ए की प्रतिबंधित लिस्ट में डाल दी गई हैं, और असली निजी प्रॉपर्टी के लिए फौरन क्लीयरेंस देने का वादा किया है।
यह आश्वासन मंगलवार को हुई एक रिव्यू मीटिंग के दौरान दिया गया, जो निजी जमीनों के रजिस्ट्रेशन एक्ट के सेक्शन 22ए के तहत प्रतिबंधित कैटेगरी में आ जाने की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए बुलाई गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने असली मालिकों के सामने आ रही रुकावटों को खत्म करने के लिए कदम उठाए हैं।
जिला स्तर पर ऑडिट के आदेश
जिला कलेक्टरों को सेक्शन 22ए के तहत लिस्ट की गई सभी जमीनों का फिजिकल निरीक्षण करने और पूरी इन्वेंट्री तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिसे अधिकारियों ने इस समस्या का स्थायी हल बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लिस्टिंग का काम जल्द पूरा हो जाएगा।
निजी प्रॉपर्टी पर सरकार का रुख
"सरकार इस बात पर पक्की है कि निजी जमीन का एक इंच भी प्रभावित नहीं होगा," रेवंत रेड्डी ने कहा, और प्रशासन की प्रॉपर्टी राइट्स की सुरक्षा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य लोगों की प्रॉपर्टी पर उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए कटिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने जनता को दलालों, बिचौलियों या सेक्शन 22ए की जमीनों को लेकर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करने की चेतावनी भी दी।
रजिस्ट्रेशन एक्ट का सेक्शन 22ए अधिकारियों को कुछ प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की अनुमति देता है, आमतौर पर सरकारी या विवादित जमीनों से जुड़े गैरकानूनी लेन-देन रोकने के लिए। मौजूदा विवाद इस आरोप पर केंद्रित है कि निजी मालिकाना वाले प्लॉट गलती से इन प्रतिबंधित लिस्ट में डाल दिए गए हैं, जिससे कानूनी बिक्री और ट्रांसफर रुक सकती है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सेक्शन 22ए में निजी जमीनें गलती से क्यों डाली जा रही हैं?
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए बुक की गई कुछ निजी जमीनें गलती से सेक्शन 22ए की प्रतिबंधित लिस्ट में चली गई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो दिन के अंदर इन गलतियों का पता लगाने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने इस समस्या को ठीक करने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को सेक्शन 22ए की सभी जमीनों का फिजिकल निरीक्षण करने और पूरी इन्वेंट्री तैयार करने का आदेश दिया है। असली निजी प्रॉपर्टी को तुरंत क्लीयरेंस देने का वादा भी किया गया है।
सेक्शन 22ए आखिर क्या होता है?
रजिस्ट्रेशन एक्ट का सेक्शन 22ए अधिकारियों को कुछ प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की अनुमति देता है, आमतौर पर सरकारी या विवादित जमीनों से जुड़े गैरकानूनी लेन-देन रोकने के लिए।
मुख्यमंत्री ने निजी मालिकों को क्या भरोसा दिलाया है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निजी जमीन का एक इंच भी प्रभावित नहीं होने देगी और मालिकों के प्रॉपर्टी राइट्स की पूरी सुरक्षा करेगी। उन्होंने दलालों और अफवाहों पर भरोसा न करने की भी चेतावनी दी।
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