प्रसूता की मौत के बाद कानपुर में जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में एक प्रसूता की मौत का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में एक प्रसूता की मौत का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हवासपुर में हुई इस घटना के बाद जब दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो परेशान परिजनों और सामाजिक संस्था 'एक उम्मीद जन कल्याण सेवा समिति' ने ग्रामीणों के साथ मिलकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जिलाधिकारी के कड़े रुख और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आश्वासन के बाद ही पीड़ित परिवार ने अपना धरना खत्म किया।
डीएम कार्यालय पर हुआ यह हंगामा और नारेबाजी स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली से नाराज लोगों का गुस्सा साफ दिखा रही है। मामला सीएचसी हवासपुर का है, जहां बीते दिनों प्रसव के लिए आई एक महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने जिम्मेदार लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग शुरू कर दी थी।
लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो परिजनों में रोष फैल गया। पीड़ित परिवार एक उम्मीद जन कल्याण सेवा समिति की राष्ट्रीय सचिव दीक्षा यादव और ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद स्टाफ नर्स ने बिना किसी डॉक्टर की मौजूदगी के प्रसव कराया। परिजनों का दावा है कि प्रसव के बाद स्टाफ नर्स ने 'नेग' के नाम पर पैसों की मांग की। पैसे न दे पाने पर गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से प्रसूता की मौत हो गई।
घटना के बाद शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जब स्वास्थ्य विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो 'एक उम्मीद जन कल्याण सेवा समिति' की राष्ट्रीय सचिव दीक्षा यादव की अगुवाई में पीड़ित परिवार और भारी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी और सीएमओ को मौके पर बुलाने की मांग की।
इस दौरान हालात को काबू करने के लिए पहुंचे पुलिस बल के साथ अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और नोकझोंक भी हुई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद संस्था सचिव दीक्षा यादव और पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी बात रखी। डीएम और सीएमओ से मिले आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया। संस्था अध्यक्ष ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस बार लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
यह रिपोर्ट विवेक त्रिवेदी ने कानपुर देहात से भेजी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर देहात में प्रसूता की मौत का मामला क्या है?
कानपुर देहात के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हवासपुर में प्रसव के लिए आई एक महिला की मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि स्टाफ नर्स ने बिना किसी डॉक्टर की मौजूदगी के प्रसव कराया और लापरवाही से मृत्यु हुई।
जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव क्यों किया गया?
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जब स्वास्थ्य विभाग से कोई कार्रवाई न होने की शिकायत की, तो 'एक उम्मीद जन कल्याण सेवा समिति' की राष्ट्रीय सचिव दीक्षा यादव की अगुवाई में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया।
परिवार की मुख्य शिकायतें क्या हैं?
परिजनों का दावा है कि स्टाफ नर्स ने डॉक्टर की देखरेख के बिना प्रसव कराया, प्रसव के बाद 'नेग' के नाम पर पैसे की मांग की, और पैसे न मिलने पर गंभीर लापरवाही बरती गई जिससे प्रसूता की मौत हुई।
प्रदर्शन के बाद क्या हुआ?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी और सीएमओ से मिले आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
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