कानपुर की गौशाला में मृत पशुओं को कौवे-कुत्ते नोचते हुए, सरकारी व्यवस्था पर सवाल
कानपुर देहात की रसूलाबाद विकासखंड की गम्भीरा गौशाला से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गौशाला परिसर में पड़े मृत गौवंश को कौवे और कुत्ते नोचते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कानपुर देहात की रसूलाबाद विकासखंड की गम्भीरा गौशाला से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गौशाला परिसर में पड़े मृत गौवंश को कौवे और कुत्ते नोचते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सरकारी गौ संरक्षण व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो सामने आने के बाद गौशाला की व्यवस्था और जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर तीखी आलोचना हो रही है।
गौशाला में व्यवस्थाओं की निगरानी और गौवंशों की देखभाल में लापरवाही बरते जाने के आरोप लग रहे हैं। मृत गौवंश के पोस्टमार्टम और नियमानुसार दफनाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। अगर वायरल वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति सही है तो यह गौशाला की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान है।
स्थानीय स्तर पर सचिव, प्रधान और केयरटेकर की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों की मौजूदगी के बावजूद गौशाला में ऐसी स्थिति बनी, जिससे गौवंशों की देखरेख और साफ-सफाई की व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। लापरवाही के बावजूद किसी तरह की कार्रवाई न होने से मामला और गंभीर हो गया है।
गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। ऐसे में गम्भीरा गौशाला से आई ये तस्वीरें सरकारी दावों और जमीनी हालात के बीच के फासले को उजागर कर रही हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई दे रही स्थिति की आधिकारिक जांच अभी सामने आना बाकी है।
अब सवाल यह है कि गौशाला में गौवंशों की देखभाल करने वाले कर्मचारी और अधिकारी आखिर कहां थे? मृत गौवंश के मामले में नियमानुसार कार्रवाई हुई या नहीं? और वायरल वीडियो के बाद प्रशासन जिम्मेदारों पर क्या एक्शन लेता है—यह देखना अहम होगा। विवेक त्रिवेदी की रिपोर्ट।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर की गौशाला में क्या हुआ?
कानपुर देहात की रसूलाबाद विकासखंड की गम्भीरा गौशाला का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में गौशाला परिसर में पड़े मृत गौवंश को कौवे और कुत्ते नोचते हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे सरकारी गौ संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गौशाला की व्यवस्था में क्या खामियां दिखीं?
गौशाला में देखभाल और निगरानी में लापरवाही के आरोप हैं। मृत गौवंश के पोस्टमार्टम और नियमानुसार दफनाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक से नहीं दिख रही।
सचिव, प्रधान और केयरटेकर की जिम्मेदारी क्या है?
स्थानीय स्तर पर सचिव, प्रधान और केयरटेकर गौशाला की निगरानी और गौवंशों की देखभाल के लिए जिम्मेदार हैं। मामले में लोगों का कहना है कि इन जिम्मेदारों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी स्थिति बनी, जिससे गौवंशों की देखरेख पर सवाल उठता है।
सरकार को इस मामले में क्या करना चाहिए?
वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच होनी चाहिए। मृत गौवंश के नियमानुसार दफनाने की जांच होनी चाहिए। लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसा न हो।
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