कानपुर में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध कब्रिस्तान ध्वस्त किया
कानपुर के बर्रा थाना इलाके के बर्रा-6 में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्रिस्तान पर बुलडोजर चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई की गई।
कानपुर के बर्रा थाना इलाके के बर्रा-6 में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्रिस्तान पर बुलडोजर चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि यह कब्रिस्तान सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बना हुआ था और लंबे समय से कानपुर मेट्रो के निर्माण कार्य में रुकावट बना हुआ था।
मेट्रो प्रशासन की शिकायत के बाद नगर निगम और केडीए की संयुक्त टीम ने जमीन की पैमाइश कराई थी। पैमाइश में यह जमीन सरकारी पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की।
कार्रवाई के दौरान एसीपी, कई थानों के इंस्पेक्टर और पीएसी बल के साथ भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही। प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच पूरे इलाके को खाली कराया और बाउंड्री के साथ अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
इस कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ नीतेन्द्र सिंह ने सवाल उठाए हैं। सपा नेता का कहना है, "सरकार चुन-चुन कर एक विशेष समुदाय को निशाना बना रही है। अगर जमीन अवैध थी तो पहले नोटिस देकर बातचीत से हल निकालना चाहिए था। हम इस कार्रवाई की निंदा करते हैं और कानूनी मदद देंगे।"
मुस्लिम समुदाय कमेटी के मोहम्मद अकरम ने कहा, "यह कब्रिस्तान 20-25 साल पुराना है, यहां हमारे बुजुर्गों की कब्रें हैं। प्रशासन ने हमें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया। अचानक बुलडोजर लाकर हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। हम डीएम से मिलकर पुनर्विचार की मांग करेंगे।"
दूसरी तरफ प्रशासन ने साफ कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमानुसार है। प्रशासन के मुताबिक सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराकर मेट्रो निर्माण को गति दी जाएगी। मेट्रो का निर्माण कार्य इसी इलाके से होकर गुजरना था जिसमें यह अवैध कब्रिस्तान बाधा बन रहा था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर में प्रशासन ने बुलडोजर चलाने की कार्रवाई क्यों की?
प्रशासन ने बर्रा-6 इलाके में सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्रिस्तान को ध्वस्त किया। यह कब्रिस्तान कानपुर मेट्रो के निर्माण कार्य में बाधा बन रहा था। मेट्रो प्रशासन की शिकायत के बाद नगर निगम और केडीए ने पैमाइश कराई थी जिसमें जमीन सरकारी पाई गई।
यह कब्रिस्तान कितने समय पुराना है?
मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के अनुसार यह कब्रिस्तान 20-25 साल पुराना है और यहां उनके बुजुर्गों की कब्रें हैं।
इस कार्रवाई पर क्या विरोध किया जा रहा है?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता का कहना है कि सरकार एक विशेष समुदाय को निशाना बना रही है और पहले नोटिस देकर बातचीत से हल निकालना चाहिए था। मुस्लिम समुदाय भी कहता है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।
इस ध्वस्तीकरण में कितनी पुलिस फोर्स तैनात थी?
कार्रवाई के दौरान एसीपी, कई थानों के इंस्पेक्टर और पीएसी बल के साथ भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात थी। पूरे इलाके को खाली कराकर कड़ी सुरक्षा के बीच कार्रवाई की गई।
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