कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, सैकड़ों परिवार फंसे
कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है और निचले और आवासीय इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं।
कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है और निचले और आवासीय इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। नदी का पानी हदें पार कर बर्रा समेत कई बस्तियों में घुस गया है, जिससे सैकड़ों परिवार चारों तरफ पानी से घिर गए हैं और संकट में हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने NDRF को मैदान में उतारा है। 27 सदस्यों वाली NDRF की टुकड़ी लगातार प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी है। जवान नावों के सहारे फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं और बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता पर निकाल रहे हैं।
बर्रा-8 के मेहरबान सिंह का पुरवा कच्ची बस्ती, जो पांडु नदी के कटान के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गई थी, वहां NDRF ने सबसे ज्यादा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। इससे पहले यहां 150 से अधिक परिवारों को पलायन करना पड़ा था।
पांडु के साथ-साथ गंगा का जलस्तर भी चेतावनी बिंदु 114 मीटर के पार पहुंच गया है। बैराज से 3.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बिठूर-कटरी और पांडु किनारे बसे गांवों के संपर्क मार्गों पर 1 से 2 फीट तक पानी भर गया है। कई इलाकों में घरों में घुटनों तक पानी भरा है, जिससे लोगों के घरों का राशन, भूसा और घरेलू सामान खराब हो गया है।
जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए राहत कार्य तेज कर दिया गया है। बर्रा कंपोजिट विद्यालय, आई सेक्टर में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में जरूरतमंद परिवारों को राहत किट वितरित की जा रही है। किट में आटा, चावल, दाल, तेल, नमक, मसाले, बिस्किट और पीने का पानी शामिल है।
तहसील प्रशासन के मुताबिक विधायक और अधिकारियों द्वारा अब तक 100 से ज्यादा परिवारों को किट बांटी जा चुकी है और बाकी परिवारों को भी जल्द मदद पहुंचाई जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जलस्तर बढ़ने पर तुरंत राहत शिविर या ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। NDRF और जिला प्रशासन की टीमें 24 घंटे अलर्ट पर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर में पांडु नदी का क्या हाल है?
पांडु नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी का पानी बर्रा समेत कई बस्तियों में घुस गया है, जिससे सैकड़ों परिवार चारों तरफ पानी से घिर गए हैं।
बचाव कार्य में कौन लगा हुआ है?
NDRF की 27 सदस्यों वाली टीम लगातार प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी है। जवान नावों के सहारे फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं।
राहत शिविर में क्या दिया जा रहा है?
बर्रा कंपोजिट विद्यालय के राहत शिविर में परिवारों को किट बांटी जा रही है। इसमें आटा, चावल, दाल, तेल, नमक, मसाले, बिस्किट और पीने का पानी शामिल है।
गंगा का जलस्तर कैसा है?
गंगा का जलस्तर भी चेतावनी बिंदु 114 मीटर के पार पहुंच गया है। बैराज से 3.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कई गांवों के संपर्क मार्गों पर 1 से 2 फीट तक पानी भर गया है।
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