तमिलनाडु सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की
तमिलनाडु में पर्यटन क्षेत्र को बदलने के लिए कई योजनाएं, मंत्रियों ने की घोषणा तमिलनाडु सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े प्लान का ऐलान किया है।
तमिलनाडु सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े प्लान का ऐलान किया है। राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जाएंगी। पर्यटन मंत्री एस. राजेश कुमार ने रविवार को तिरुचि में ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) की 75वीं वर्षगांठ समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
पर्यटन के नए आयाम
मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु में पर्यटन के नए रूपों को बढ़ावा देने की योजना है। इसमें थामिराबरानी और कावेरी नदियों को जोड़ने वाला रिवर टूरिज्म और प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे वेलंकन्नी और नागोर को शामिल करते हुए डिवोशनल टूरिज्म सर्किट तैयार करना शामिल है। इसके अलावा, सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा पर भी विचार कर रही है ताकि पर्यटन को और समावेशी और सुलभ बनाया जा सके।
"तमिलनाडु में मेडिकल टूरिज्म, एग्रीकल्चर टूरिज्म और मंदिर टूरिज्म जैसे कई विकल्प मौजूद हैं," मंत्री राजेश कुमार ने कहा। उन्होंने बताया कि पर्यटन केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास और रोजगार का एक बड़ा स्रोत भी है, जिससे छोटे व्यवसायों, स्थानीय दुकानों और ट्रैवल एजेंट्स को फायदा होता है।
तिरुचि: एक प्रमुख पर्यटन केंद्र
तिरुचि, जहां हर साल करीब 2.5 करोड़ पर्यटक आते हैं, को राज्य के एक अहम पर्यटन केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। यह शहर श्रीरंगम और समयपुरम मंदिर, ऐतिहासिक रॉकफोर्ट और कल्लानई और मुक्कोंबु बांध जैसे प्रसिद्ध स्थलों के लिए जाना जाता है। हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) मंत्री एस. रमेश ने कहा कि तमिलनाडु का हर जिला अपनी अनोखी विशेषताओं के लिए जाना जाता है, जो इसे विविध पर्यटन अनुभवों का खजाना बनाता है।
श्रीरंगम न केवल अपने मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां की पारंपरिक व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है। मंत्री रमेश ने खासतौर पर श्रीरंगम की मशहूर डिश अक्करवडिसल का जिक्र किया और कहा कि स्थानीय खानपान की परंपराएं पर्यटन अनुभव को और बेहतर बना सकती हैं।
वैश्विक पहचान की ओर कदम
तमिलनाडु के प्रमुख मंदिर, जैसे तिरुचेंदूर, रामेश्वरम और तिरुवन्नामलाई, पहले से ही भारत भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अब सरकार का लक्ष्य है कि इन स्थलों पर अन्य राज्यों और विदेशों से भी ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को लाया जाए। "HR&CE और पर्यटन विभाग मिलकर इन अवसरों को मजबूत और प्रमोट करने पर काम कर रहे हैं," मंत्री रमेश ने कहा।
उद्योग के साझेदारों के साथ सहयोग
इस इवेंट में TAAI के डबल डायमंड जुबली स्मारिका का भी विमोचन किया गया। इस मौके पर TAAI-STC के चेयरमैन एस.पी. राजेंद्रन, TAAI के नेशनल प्रेसिडेंट आर. सुनील कुमार और तिरुचि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डायरेक्टर जी. गोपालकृष्णन भी मौजूद थे।
सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक आकर्षणों के अनोखे मिश्रण के साथ, तमिलनाडु खुद को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर रहा है। सरकार की नई योजनाएं राज्य की पूरी पर्यटन क्षमता को उजागर करने और इसे सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
प्रकाशित: 16 अगस्त, 2026, रात 10:11 IST
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तमिलनाडु सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्या योजनाएं बनाई हैं?
सरकार ने रिवर टूरिज्म, डिवोशनल टूरिज्म सर्किट और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा जैसी योजनाएं बनाई हैं।
तिरुचि को क्यों एक प्रमुख पर्यटन केंद्र माना जाता है?
तिरुचि को हर साल करीब 2.5 करोड़ पर्यटक आते हैं और यह श्रीरंगम और समयपुरम मंदिर जैसे प्रसिद्ध स्थलों के लिए जाना जाता है।
तमिलनाडु में पर्यटन का क्या महत्व है?
पर्यटन केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास और रोजगार का बड़ा स्रोत है।
सरकार का लक्ष्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य है कि प्रमुख मंदिरों और स्थलों पर अधिक से अधिक पर्यटकों को लाया जाए।
TAAI का क्या महत्व है?
TAAI ने पर्यटन उद्योग के साझेदारों के साथ मिलकर योजनाओं को प्रमोट करने और सहयोग बढ़ाने का काम किया है।
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