News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
खोज
ताज़ा
हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति का जश्नहमीरपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गयागुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामाकर्नाटक मंत्री ने 15 अगस्त को झंडा फहराने से मांगी छूट, बीजेपी का हमलापिता ने 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंका, पत्नी को भी मारने की कोशिशगाजियाबाद में पुलिस-आरोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों घायलजर्मनी में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट की मौतदिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
National Official source

10 साल बाद हांगकांग में मिली दुर्लभ 'ताई ओ मछली'

डीएनए ट्रैकिंग से 10 साल बाद हांगकांग के पानी में दिखी दुर्लभ 'ताई ओ मछली' 10 साल बाद हांगकांग के पानी में मिली दुर्लभ 'ताई ओ मछली', डीएनए ट्रैकिंग से हुआ खुलासा हांगकांग के रिसर्चर्स ने 10 साल बाद

News Darpan AI image
News Darpan AI image

10 साल बाद हांगकांग के पानी में मिली दुर्लभ 'ताई ओ मछली', डीएनए ट्रैकिंग से हुआ खुलासा

हांगकांग के रिसर्चर्स ने 10 साल बाद पहली बार स्थानीय पानी में गंभीर रूप से विलुप्तप्राय चीनी बहाबा मछली, जिसे 'ताई ओ मछली' भी कहा जाता है, के निशान पाए हैं। यह सफलता पिछले साल सितंबर में एडवांस्ड एनवायरनमेंटल डीएनए (eDNA) टेक्नोलॉजी के जरिए मिली। इससे एक महीने पहले, मुख्य भूमि के अधिकारियों ने पर्ल रिवर एस्टुअरी में 1,300 हैचरी में पाली गई युवा बहाबा मछलियों को छोड़ा था।

आधुनिक डीएनए टेक्नोलॉजी से मिली सफलता

इस स्टडी का नेतृत्व लिंगनान यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर जैक इप ची-हो और साउथ चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी के वांग जुनजिए ने किया। उन्होंने एक बेहद संवेदनशील जेनेटिक आइडेंटिफिकेशन मेथड विकसित किया, जो समुद्री पर्यावरण में छोड़े गए eDNA के बेहद छोटे निशानों को भी पहचान सकता है। इस नए तरीके से रिसर्चर्स ने हांगकांग के पश्चिमी पानी में इस दुर्लभ मछली की मौजूदगी की पुष्टि की।

इप ने बताया कि eDNA टेक्नोलॉजी उन जेनेटिक मटीरियल को पहचानती है, जो जीव अपने आसपास के वातावरण में छोड़ते हैं, जैसे कि सेल्स, टिशू और वेस्ट। उन्होंने कहा, "अगर कोई मछली किसी इलाके से गुजरी हो और वहां थोड़ा भी eDNA छोड़ा हो, तो उसकी मौजूदगी को सटीकता से पहचाना जा सकता है।"

संरक्षण की कोशिशों में उम्मीद की किरण

इस खोज से पता चलता है कि एस्टुअरी में छोड़ी गई कुछ युवा बहाबा मछलियां हांगकांग के पानी में पहुंच गई हैं। इससे इस गंभीर रूप से विलुप्तप्राय प्रजाति के बचाव की उम्मीद जगी है। लिंगनान यूनिवर्सिटी ने इस खोज को महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि चीनी बहाबा पिछले एक दशक से इस क्षेत्र में नहीं दिखी थी।

चीनी बहाबा, जिसे पारंपरिक दवाओं में इसके स्विम ब्लैडर के लिए बहुत कीमती माना जाता है, अत्यधिक शिकार और आवास की कमी के कारण तेजी से घट रही है। eDNA टेक्नोलॉजी न केवल इसकी गतिविधियों को ट्रैक करने में मदद करती है, बल्कि संरक्षण रणनीतियों के लिए भी अहम डेटा उपलब्ध कराती है, जिससे इसकी आबादी को बचाने और बढ़ाने में मदद मिलेगी।

समुद्री संरक्षण में एक नई दिशा

यह उपलब्धि दिखाती है कि एनवायरनमेंटल डीएनए टेक्नोलॉजी समुद्री जैव विविधता की निगरानी और संरक्षण के लिए कितनी कारगर है। दुर्लभ और विलुप्तप्राय प्रजातियों, जैसे चीनी बहाबा, का पता लगाने में यह तरीका रिसर्चर्स के लिए एक मजबूत उपकरण साबित हो रहा है। इससे हांगकांग के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

स्रोत: South China Morning Post

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया

  2. 2

    गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

  3. 3

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन

  4. 4

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत

  5. 5

    शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।