प्रधानमंत्री रोजगार योजना से 3.5 करोड़ नई नौकरियां मिलने का दावा
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से युवाओं को मिलेगा सहारा, रोजगार के मौके बढ़ेंगे: ईपीएफओ कमिश्नर बल्लारी: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) युवाओं के लिए रोजगार
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से युवाओं को मिलेगा सहारा, रोजगार के मौके बढ़ेंगे: ईपीएफओ कमिश्नर
बल्लारी: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके पैदा करने, आर्थिक सुरक्षा देने और नियोक्ताओं को नई नौकरियां देने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। यह बात बुधवार को ईपीएफओ के रीजनल ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II, बल्लारी, के.वी. प्रवीण ने कही।
उन्होंने बताया कि इस योजना का मकसद रोजगार बढ़ाना और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। योजना के तहत पूरे भारत में 3.5 करोड़ नई नौकरियां पैदा करने और नए कर्मचारियों को लंबे समय तक रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक लागू रहेगी, जिसके लिए केंद्र सरकार ने ₹1 लाख करोड़ का बजट तय किया है।
श्री प्रवीण ने बताया कि इस योजना का फायदा भविष्य निधि संगठन (ईपीएफ) के तहत आने वाले निजी संस्थानों को मिलेगा, जिनमें सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, सिक्योरिटी एजेंसियां और मैनपावर एजेंसियां शामिल हैं। हालांकि, यह लाभ केवल नए कर्मचारियों को मिलेगा, पहले से काम कर रहे कर्मचारियों को नहीं। योजना का लाभ पाने के लिए नए कर्मचारियों को कम से कम छह महीने तक उसी कंपनी में काम करना होगा।
योजना को लागू करने के लिए एक खास ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है, जहां नियोक्ता एक बार रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। कर्मचारियों को अलग से कोई आवेदन नहीं करना होगा। जैसे ही कोई कंपनी नए कर्मचारी के ईपीएफ खाते को आधार से लिंक करेगी, सिस्टम खुद-ब-खुद पात्रता की पुष्टि कर लेगा। इसके बाद लाभ सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।
वित्तीय प्रोत्साहन के बारे में जानकारी देते हुए श्री प्रवीण ने बताया कि नए कर्मचारियों की सैलरी के आधार पर नियोक्ताओं को सरकार की ओर से मदद दी जाएगी। सर्विस सेक्टर के संस्थानों को 24 महीने तक और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को 48 महीने तक यह प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा, पहली बार नौकरी करने वाले और ईपीएफ खाता पाने वाले नए कर्मचारियों को ₹15,000 तक का एकमुश्त प्रोत्साहन मिलेगा, जो दो किस्तों में दिया जाएगा।
बल्लारी क्षेत्र में अब तक 1,374 नए कर्मचारी इस योजना के तहत सीधे वित्तीय सहायता के पात्र बन चुके हैं। इसके अलावा, 248 नियोक्ता संस्थानों को भी योजना के तहत प्रोत्साहन का लाभ मिला है। श्री प्रवीण ने भरोसा जताया कि पीएम-वीबीआरवाई योजना नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों को बड़ी आर्थिक मदद देगी और क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईपीएफओ के प्रवर्तन अधिकारी अब्दुल हफीज, सुपरवाइजर जादेश और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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