नागालैंड का पहला प्राइवेट सोलर प्लांट 20 मेगावाट का होगा
नागालैंड सरकार ने Tvastra Renewable के साथ 20 मेगावाट सोलर प्लांट के लिए डील साइन की। मोन जिले में 20 महीने में चालू होगा।
नागालैंड सरकार ने पुणे की कंपनी त्वक्षस रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड के साथ 25 साल का पावर परचेज एग्रीमेंट साइन किया है। मोन जिले में 20 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। यह राज्य का पहला प्राइवेट सेक्टर का सोलर प्रोजेक्ट है।
यह प्लांट तिजित के लापा लैम्पोंग गांव में लगेगा और 20 महीने के अंदर चालू हो जाएगा। राज्य ग्रिड को यह बिजली 4.12 रुपये प्रति किलोवाट-घंटे की दर से मिलेगी। नागालैंड इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने इस रेट को मंजूरी दी है। एग्रीमेंट पर शुक्रवार को साइन हुए।
बढ़ोतरी और निवेश की योजना
त्वक्षस रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड इस प्रोजेक्ट को चरणों में बढ़ाकर 100 मेगावाट तक ले जाने की योजना बना रही है। कंपनी की डायरेक्टर भक्ति दवे ने कहा, "हम इस प्रोजेक्ट को चरणों में 100 मेगावाट तक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इससे नागालैंड में लंबे समय तक निवेश, स्किल डेवलपमेंट और क्लाइमेट फाइनेंस के मौके आएंगे।"
बिजली की कमी को पूरा करना
इस सोलर प्लांट से नागालैंड का बिजली इम्पोर्ट बिल कम होगा और राज्य अपनी रिन्यूएबल कंजम्पशन की जिम्मेदारियां पूरी कर पाएगा। यह बात चीफ इंजीनियर (ट्रांसमिशन एंड जेनरेशन) नितोवी ए. वोत्सा ने कही। यह प्रोजेक्ट सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें मौजूदा पीक डिमांड 203 मेगावाट और 2034-35 तक अनुमानित डिमांड 482 मेगावाट के बीच के अंतर को पाटना है।
वोत्सा ने कहा, "हम अपने संसाधनों से जेनरेशन प्रोजेक्ट डेवलप करने के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को भी बढ़ावा दे रहे हैं ताकि लोकल जेनरेशन बढ़े और बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए मौजूदा क्षमता बढ़ाई जा सके।"
राज्य दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है। एक तरफ अपने संसाधनों से जेनरेशन क्षमता बढ़ा रहा है, दूसरी तरफ प्राइवेट निवेश को बुलाकर लोकल बिजली उत्पादन बढ़ा रहा है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नागालैंड का यह सोलर प्लांट कहां बनेगा और कितना बड़ा होगा?
यह 20 मेगावाट का सोलर प्लांट मोन जिले के तिजित के लापा लैम्पोंग गांव में बनेगा। त्वक्षस रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड इस प्रोजेक्ट को चरणों में 100 मेगावाट तक बढ़ाने की योजना बना रही है।
यह सोलर प्लांट कब तक चालू हो जाएगा?
यह सोलर प्लांट 20 महीने के अंदर चालू हो जाएगा।
नागालैंड को इस बिजली की कीमत क्या देनी होगी?
राज्य ग्रिड को यह बिजली 4.12 रुपये प्रति किलोवाट-घंटे की दर से मिलेगी। यह रेट नागालैंड इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने मंजूरी दी है।
यह सोलर प्लांट नागालैंड के लिए क्यों जरूरी है?
इस प्लांट से नागालैंड का बिजली इम्पोर्ट बिल कम होगा। साथ ही, मौजूदा पीक डिमांड 203 मेगावाट और 2034-35 तक अनुमानित डिमांड 482 मेगावाट के बीच के अंतर को पाटने में मदद मिलेगी।
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