मिज़ोरम में 95% एन्यूमरेशन फॉर्म्स का डिजिटाइजेशन पूरा
मिज़ोरम में 95% से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटाइज आइजोल: मिज़ोरम ने एन्यूमरेशन फॉर्म्स को डिजिटाइज करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है।
आइजोल: मिज़ोरम ने एन्यूमरेशन फॉर्म्स को डिजिटाइज करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) के तीसरे फेज में गुरुवार तक 95.53% फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं। ये राज्य में चल रही चुनावी प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव है।
मिज़ोरम के कुल 8,75,068 वोटर्स में से अब तक 8,35,954 वोटर्स के एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। तीन जिलों—चम्फाई, खावज़ॉल और सेरछिप—ने 100% डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया है। म्यांमार बॉर्डर से सटे चम्फाई में तीन विधानसभा सीटें हैं, जबकि खावज़ॉल में एक और सेरछिप में तीन विधानसभा सीटें हैं।
दक्षिण मिज़ोरम के सियाहा जिले ने 99.92% डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया है, जबकि मणिपुर बॉर्डर से सटे साइटुअल जिले ने 99.76% तक का आंकड़ा छू लिया है। चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) के ऑफिस के अधिकारियों ने बताया कि डिजिटाइजेशन के मामले में मिज़ोरम सबसे आगे है, जबकि पड़ोसी राज्य मणिपुर 67.35% पर है।
SIR प्रक्रिया 30 मई को शुरू हुई थी, जिसमें एन्यूमरेशन फॉर्म्स का वितरण, कलेक्शन और डिजिटाइजेशन शामिल है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इन गतिविधियों को 28 जून तक पूरा करने की डेडलाइन दी है। लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि मिज़ोरम ये काम तय समय से पहले पूरा कर लेगा। इसमें 1,301 ब्लॉक लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की मेहनत अहम भूमिका निभा रही है।
मिज़ोरम के मतदाताओं की संख्या सालों में काफी बढ़ी है। 2005 में SIR के दौरान ये संख्या 5,59,123 थी, जो 2025 में बढ़कर 8,75,068 हो गई। मौजूदा वोटर्स में 4,23,397 पुरुष और 4,51,671 महिलाएं शामिल हैं।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।