श्रावस्ती के गांवों में कृष्ण जन्मोत्सव पर भव्य शोभायात्रा और भक्ति का महौल
श्रावस्ती के हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर और गौसपुर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया।
श्रावस्ती के हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर और गौसपुर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली।
शोभायात्रा की शुरुआत मिर्जापुर और गौसपुर के प्रमुख स्थानों से हुई, जो गांव के अलग-अलग रास्तों से होती हुई आगे बढ़ी। यात्रा में कान्हा की झांकियों ने सबका मन मोह लिया। 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' और 'जय श्री कृष्णा' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा पर फूलों की बारिश कर कन्हैया का स्वागत किया। डीजे और ढोल की धुन पर युवाओं और महिलाओं ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए भक्ति गीतों पर खूब नाचा। नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के रूप में सजकर सबकी नजरों का केंद्र बने रहे।
शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरदत्त नगर गिरंट पुलिस की टीम पूरी तैयारी के साथ शोभायात्रा के दौरान तैनात रही। यात्रा के अंत में बड़ी आरती का आयोजन हुआ और मौजूद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी तादाद में इलाके के लोग, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं शामिल हुए।
आयोजकों के मुताबिक, गौसपुर गांव की मूर्ति का विसर्जन भखला घाट पर किया जाएगा, जबकि मिर्जापुर गांव की मूर्ति सरयू नहर देवरनिया में विसर्जित की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती में कृष्ण जन्मोत्सव पर शोभायात्रा कहां निकाली गई?
श्रावस्ती के हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर और गौसपुर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इस मौके पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली।
शोभायात्रा में क्या-क्या विशेषताएं थीं?
शोभायात्रा में कान्हा की झांकियां थीं, जिन पर 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' और 'जय श्री कृष्णा' के नारे लगाए गए। रास्ते में श्रद्धालुओं ने फूलों की बारिश की। डीजे और ढोल की धुन पर युवाओं और महिलाओं ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए भक्ति गीतों पर नाचा। नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के रूप में सजे थे।
कृष्ण मूर्ति का विसर्जन कहां किया जाएगा?
गौसपुर गांव की मूर्ति का विसर्जन भखला घाट पर किया जाएगा, जबकि मिर्जापुर गांव की मूर्ति सरयू नहर देवरनिया में विसर्जित की जाएगी।
शोभायात्रा के बाद क्या किया गया?
यात्रा के अंत में बड़ी आरती का आयोजन हुआ और मौजूद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया।
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