सत्य नडेला का दावा, माइक्रोसॉफ्ट के MAI AI मॉडल बेहतर और सस्ते
सत्य नडेला बोले, माइक्रोसॉफ्ट के MAI AI मॉडल कई मामलों में बेहतर, लागत भी कम माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा है कि कंपनी के इन-हाउस MAI (माइक्रोसॉफ्ट AI) मॉडल कई मामलों में जनरल-पर्पस फ्रंटियर
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा है कि कंपनी के इन-हाउस MAI (माइक्रोसॉफ्ट AI) मॉडल कई मामलों में जनरल-पर्पस फ्रंटियर AI मॉडल्स से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें GitHub Copilot, Excel और Outlook जैसे टूल शामिल हैं। साथ ही, इनसे लागत में भी काफी कमी आई है। नडेला ने 23 जुलाई को एक ब्लॉग पोस्ट में ये जानकारी दी और बताया कि माइक्रोसॉफ्ट अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए टेलर्ड अप्रोच अपना रहा है।
स्पेसिफिक टास्क के लिए ऑप्टिमाइज्ड AI पर फोकस
नडेला ने माइक्रोसॉफ्ट की “फ्रंटियर डिफ्यूजन एंड कंट्रोल” स्ट्रैटेजी के बारे में बताया। इस रणनीति का मकसद है एंटरप्राइज टास्क के लिए AI सिस्टम्स को ऑप्टिमाइज करना, बजाय सिर्फ एक जनरल-पर्पस फ्रंटियर मॉडल पर निर्भर रहने के। MAI मॉडल्स को रिइनफोर्समेंट लर्निंग एनवायरनमेंट्स (RLEs) में ट्रेन किया गया है, जो कस्टमर्स के रियल वर्कफ्लो को मिमिक करते हैं। इससे ये मॉडल स्पेसिफिक एप्लिकेशन्स में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
"एक ऐसी दुनिया में जहां सॉफ्टवेयर की वास्तविक मार्जिनल लागत है, हम कैसे सुनिश्चित करें कि फ्रंटियर के फायदे पूरे इकोसिस्टम में फैलें?" नडेला ने लिखा। उन्होंने समझाया कि सही AI मॉडल का इस्तेमाल और टूल्स, कॉन्टेक्स्ट और वर्कफ्लो को ऑप्टिमाइज करके लागत और नतीजों के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।
फ्रंटियर मॉडल्स के साथ हाइब्रिड अप्रोच
हालांकि माइक्रोसॉफ्ट अपने MAI मॉडल्स की सफलता पर जोर दे रहा है, लेकिन उसने यह भी साफ किया कि वह OpenAI और Anthropic जैसे पार्टनर्स द्वारा बनाए गए फ्रंटियर AI मॉडल्स को छोड़ नहीं रहा है। इसके बजाय, इन फ्रंटियर मॉडल्स को MAI के साथ एक बड़े ऑर्केस्ट्रेशन सिस्टम में इंटीग्रेट किया गया है। इस हाइब्रिड अप्रोच से माइक्रोसॉफ्ट जटिल टास्क के लिए रिसोर्स-इंटेंसिव फ्रंटियर मॉडल्स का इस्तेमाल करता है, जबकि रूटीन ऑपरेशन्स के लिए ज्यादा एफिशिएंट MAI मॉडल्स का।
इस स्ट्रैटेजी को “हिल क्लाइम्बिंग” कहा गया है, जिसमें प्रोडक्ट-स्पेसिफिक इवैल्यूएशन और कस्टमर इंटरैक्शन के आधार पर AI सिस्टम्स को लगातार बेहतर बनाया जाता है। नडेला ने बताया, “हम RLEs बनाते हैं, जहां मॉडल्स प्रोडक्ट सिस्टम के अंदर सीखते हैं और उन टास्क्स को पूरा करने के लिए रिवॉर्ड पाते हैं, जो कस्टमर्स को सच में चाहिए।”
शुरुआती सफलता और व्यापक असर
नडेला के मुताबिक, MAI मॉडल्स के शुरुआती इस्तेमाल ने GitHub Copilot, Excel और Outlook में “प्रॉमिसिंग रिजल्ट्स” दिखाए हैं। अब कंपनी इस अप्रोच को Copilot Chat और PowerPoint जैसे दूसरे प्रोडक्ट्स में भी लागू कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट का दावा है कि ये स्पेशलाइज्ड मॉडल स्पेसिफिक टास्क्स के लिए जनरल-पर्पस फ्रंटियर मॉडल्स के प्रदर्शन को टक्कर दे सकते हैं या उससे बेहतर कर सकते हैं, और वो भी कम कंप्यूटेशनल लागत पर।
माइक्रोसॉफ्ट ने इस टेक्नोलॉजी को डेमोक्रेटाइज करने के लिए Microsoft Foundry के जरिए अपना फ्रेमवर्क उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। इससे एंटरप्राइजेज अपने खुद के AI एजेंट्स बना सकेंगे, जो उनके वर्कफ्लो, डेटा और इवैल्यूएशन सिस्टम्स के हिसाब से टेलर्ड होंगे। नडेला ने लिखा, “हम जो अपने फर्स्ट-पार्टी प्रोडक्ट्स में कर रहे हैं, वही हर एंटरप्राइज कस्टमर भी कर सकता है।”
क्यों है ये अहम
माइक्रोसॉफ्ट की ये स्ट्रैटेजी AI डेवलपमेंट में एक नई सोच को दर्शाती है। अब जनरल मॉडल्स से हटकर ज्यादा एफिशिएंट और टास्क-स्पेसिफिक सिस्टम्स पर जोर दिया जा रहा है। महंगे फ्रंटियर मॉडल्स पर निर्भरता कम करके और रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशन्स पर फोकस करके कंपनी AI को ज्यादा सुलभ और किफायती बनाना चाहती है। ये तरीका इंडस्ट्रीज में AI के इस्तेमाल का एक नया स्टैंडर्ड सेट कर सकता है।
स्रोत: Indian Express
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