कानपुर में बारिश के दौरान मकान गिरने से युवक की मौत, देरी से एंबुलेंस पहुंचने पर सवाल
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर इलाके में लगातार हो रही बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया।
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर इलाके में लगातार हो रही बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। इटर्रा ग्राम पंचायत के मजरा मोहनपुर गांव में एक पुराना मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसमें 25 साल के अमित कुमार पुत्र स्वर्गीय ननका प्रसाद मलबे में दब गए। इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मकान गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग दौड़े आए। तेज बारिश के बीच चारों ओर मलबा बिखरा हुआ था। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मलबा हटाना शुरू किया और कड़ी मेहनत के बाद अमित को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल अमित को फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नहीं बचे।
सबसे बड़ी शिकायत यह है कि ग्रामीणों ने हादसे के तुरंत बाद 112 नंबर पर लगातार फोन किए, लेकिन करीब दो घंटे तक न एंबुलेंस पहुंची और न ही कोई राहत टीम। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर सरकारी मदद पहुंच जाती तो शायद अमित की जान बच सकती थी। आखिर में गांव वालों ने ही खुद मोर्चा संभाला और घायल को अस्पताल पहुंचाया।
अब गांव वालों ने मृतक के परिवार को फौरन आर्थिक मदद और सरकारी मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से बारिश के मौसम को देखते हुए गांव के सभी पुराने और खतरनाक मकानों का सर्वे कराने और वहां रह रहे परिवारों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने की भी गुहार लगाई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर में यह हादसा कहां हुआ और किसके साथ?
कानपुर के घाटमपुर इलाके में इटर्रा ग्राम पंचायत के मजरा मोहनपुर गांव में एक पुराना मकान गिरा। इसमें 25 साल के अमित कुमार दब गए। लगातार बारिश के बीच यह हादसा हुआ।
एंबुलेंस को पहुंचने में कितना समय लगा?
ग्रामीणों ने 112 पर कॉल करने के बाद करीब दो घंटे तक कोई एंबुलेंस या राहत टीम नहीं पहुंची। इसी देरी की वजह से ग्रामीणों को खुद ही घायल को अस्पताल ले जाना पड़ा।
ग्रामीणों को क्या शिकायत है?
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर सरकारी मदद न पहुंचने से अमित की जान नहीं बच सकी। अगर एंबुलेंस और राहत टीम जल्दी पहुंचती तो उसे बचाया जा सकता था।
अब गांव वालों की क्या मांग है?
गांव वालों ने मृतक के परिवार को तुरंत आर्थिक मदद और सरकारी मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही प्रशासन से गांव के सभी पुराने और खतरनाक मकानों का सर्वे और वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने की भी गुहार लगाई है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 4
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।