मलेशिया के ब्लू इकोनॉमी सपनों के लिए सुरक्षा खामियां बनी चुनौती
मलेशिया के ब्लू इकोनॉमी सपनों पर सुरक्षा खामियां बनीं बड़ी चुनौती मलेशिया का ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने का सपना गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
मलेशिया का ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने का सपना गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा खामियां देश के टिकाऊ विकास और संसाधनों के प्रबंधन के लिए खतरा बन रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मलेशिया के लिए अपने पानी की निगरानी और सुरक्षा करना उसके समुद्री आर्थिक प्रोजेक्ट्स की सफलता के लिए बेहद जरूरी है।
तेरेंगानु मछुआरों के ग्रुप 'पेनेंतु' के बोर्ड मेंबर एलियास याह्या ने बताया कि स्थानीय मछुआरों ने रात के समय मलेशिया के पानी में संदिग्ध वियतनामी जहाजों को देखा है। ये जहाज आमतौर पर तड़के पांच-छह घंटे तक वहां रहते हैं, जब मलेशियन मैरीटाइम एन्फोर्समेंट एजेंसी (MMEA) और दूसरी एजेंसियां कम सक्रिय होती हैं।
इस तरह की घटनाएं मलेशिया के समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा में बड़ी कमजोरियों को दिखाती हैं। इससे देश की समुद्री संसाधनों की रक्षा करने की क्षमता पर सवाल उठते हैं। मलेशिया ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देना चाहता है, जो समुद्री, तटीय और इनलैंड पानी के संसाधनों का टिकाऊ तरीके से इस्तेमाल करके आर्थिक विकास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित है। लेकिन इसके लिए पानी का सही प्रबंधन सबसे बड़ा इम्तिहान है।
गैरकानूनी, बिना रिपोर्ट किए और अनियमित (IUU) मछली पकड़ना सिर्फ संसाधनों को खत्म करने का खतरा नहीं है। MMEA के डायरेक्टर जनरल मैरीटाइम एडमिरल रोसली अब्दुल्लाह के मुताबिक, IUU फिशिंग स्थानीय मछुआरों की आजीविका के लिए खतरा है और मलेशिया के समुद्री इकोसिस्टम की टिकाऊ क्षमता को कमजोर करता है। इन समस्याओं का समाधान देश की समुद्री आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के लिए बेहद जरूरी है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।