मलेशिया में 'सुपर' एल नीनो से रिकॉर्ड गर्मी की आशंका
मलेशिया में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की आशंका, 'सुपर' एल नीनो की चेतावनी मलेशिया में तापमान रिकॉर्ड तोड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह 1998 में दर्ज हुए 40.1°C के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पार कर सकता है।
मलेशिया में अगले कुछ सालों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है। मलेशिया के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 'सुपर' एल नीनो के चलते देश में तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस के पिछले रिकॉर्ड को पार कर सकता है। यह रिकॉर्ड 1998 में उत्तरी राज्य पेरलिस के चुपिंग इलाके में दर्ज किया गया था।
मलेशिया के मौसम विभाग के महानिदेशक मोहम्मद हिशाम मोहम्मद अनिप ने जानकारी दी कि एल नीनो का असर मार्च से मई 2027 के बीच अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है। इस दौरान देश में तापमान असामान्य रूप से बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि 1980 के दशक से मलेशिया में औसत तापमान लगातार बढ़ रहा है, और 'सुपर' एल नीनो के समय यह बढ़ोतरी और ज्यादा होती है।
एल नीनो एक प्राकृतिक मौसम चक्र है, जिसमें प्रशांत महासागर में व्यापारिक हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं और समुद्री धाराएं गर्म हो जाती हैं। इसका असर वैश्विक स्तर पर मौसम पर पड़ता है, जिससे कई देशों में सूखा, बाढ़ और असामान्य मौसम की स्थिति पैदा होती है। मलेशिया जैसे उष्णकटिबंधीय देश में इसका असर खासतौर पर तापमान में भारी बढ़ोतरी के रूप में देखा जाता है।
मौसम विभाग की इस चेतावनी ने मलेशिया में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गर्मी न केवल पर्यावरण पर असर डालेगी, बल्कि कृषि, जल संसाधन और लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकती है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को इन हालात से निपटने के लिए पहले से तैयारियां शुरू करने की सलाह दी जा रही है।
मलेशिया में बढ़ते तापमान और 'सुपर' एल नीनो के संभावित प्रभावों को देखते हुए, आने वाले सालों में देश को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
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