कानपुर पार्षद ने पीएम मोदी की तस्वीर पर माला और दीये से मचाई खलबली
कानपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर देशभर में उत्साह है, लेकिन कानपुर की वार्ड ७७ ब्रारा पश्चिम क्षेत्र का एक पार्षद अखिलेश कुमार बाजपेई ने भावनाओं में कुछ ज्यादा ही उछल दिया।
कानपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर देशभर में उत्साह है, लेकिन कानपुर की वार्ड ७७ ब्रारा पश्चिम क्षेत्र का एक पार्षद अखिलेश कुमार बाजपेई ने भावनाओं में कुछ ज्यादा ही उछल दिया। जन्मदिन मनाने के जोश में उन्होंने अपने कार्यालय में पीएम मोदी की फोटो पर माला पहनी और फोटो के सामने दीयों को जलाया, जिसके बाद उस तस्वीर का शेयरिंग भी सोशल मीडिया पर किया। जैसे ही यह फोटो इंटरनेट पर आई, लोग हैरान रह गए क्योंकि हिंदू परंपरा में फोटो पर माला पहनना और सामने दीपक जलाना आमतौर पर किसी जीवित व्यक्ति के जन्मदिन पर नहीं किया जाता। यह रीति-ritual मुख्य रूप से किसी देवी, देवता या पुण्य तिथि की पूजा में ही देखे जाने वाला होता है और सामान्यतः जन्मदिन पर केक काटना, पौधा लगाना या सेवा कार्य करना प्रमुख मनाया जाता है।
विपक्षी पार्षदों ने भी इस घटना को लेकर चुटकी उठाई है और कहा है कि यह प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान में कमी दिखाता है साथ ही देश की राजनीतिक प्रोटोकॉल की जानकारी की भारी कमी का सबूत बन गया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह से कमेंट किया, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा यह रही कि "नेता जी, ये तो जन्मदिन है या किसी देवी की जयंती?" फिलहाल वार्ड ७७ का नगर निगम के गलियारों में इस तस्वीर पर जो शोर मच चुका है वह बिल्कुल भीतर नहीं जा रहा।
अखिलेश कुमार बाजपेई ने अपने कार्यालय की फोटो को शेयर किया था और उसमें दीयों का जलाना शामिल था, लेकिन इसकी व्याख्या करने वाले लोग इसे एक गंभीर त्रुटि मान रहे हैं जो किसी भी राजनीतिक नेता के लिए अनुचित है। पार्षद जी ने शायद खुशी-खुशी अपने कार्यालय में मनाया ही होगा जन्मदिन, लेकिन परिणाम इस प्रकार निकला कि पूरा क्षेत्र चर्चा का केंद्र बन गया। विपक्षी पक्ष के कुछ लोग यह कह रहे हैं कि ऐसे वक्तों पर राजनीतिक नेताओं को बड़ी सावधानी रखनी चाहिए और किसी भी तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए, चाहे वह जन्मदिन क्यों न हो या कोई अन्य अवसर।
कानपुर में इस घटना के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पार्षद को कार्यालय से हटा दिया जाएगा और क्या कानपुर नगर निगम की ओर से किसी तरह का कार्रवाई किया जाएगी, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो रही है और लोग यह जानने में लगे हैं कि क्या अखिलेश कुमार बाजपेई ने अपनी भावनाओं को नियंत्रण से बाहर कर दिया या फिर किसी गलतफहमी का शिकार हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर के पार्षद ने पीएम मोदी की तस्वीर पर क्या किया?
कानपुर की वार्ड ७७ ब्रारा पश्चिम क्षेत्र के पार्षद अखिलेश कुमार बाजपेई ने अपने कार्यालय में पीएम मोदी की फोटो पर माला पहनी और फोटो के सामने दीये जलाए। इसके बाद उन्होंने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया।
इस घटना को लेकर लोगों को समस्या क्या है?
हिंदू परंपरा में फोटो पर माला पहनना और सामने दीपक जलाना आमतौर पर किसी जीवित व्यक्ति के जन्मदिन पर नहीं किया जाता। यह रीति देवी-देवता या पुण्य तिथि की पूजा में की जाती है। जन्मदिन पर सामान्यतः केक काटना, पौधा लगाना या सेवा कार्य किया जाता है।
विपक्षी पार्षदों ने इस बारे में क्या कहा है?
विपक्षी पार्षदों ने कहा है कि यह घटना प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान में कमी दिखाता है और राजनीतिक प्रोटोकॉल की जानकारी की भारी कमी का सबूत है।
सोशल मीडिया पर इस घटना पर क्या चर्चा हुई?
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अलग-अलग तरह से कमेंट किया। सबसे ज्यादा चर्चा यह रही कि 'नेता जी, ये तो जन्मदिन है या किसी देवी की जयंती?'
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