कानपुर नगर निगम विवाद में भाजपा पार्षदों ने पुलिस को शिकायत दी
कानपुर नगर निगम सदन में 26 सितंबर को हुए विवाद का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित के नेतृत्व में करीब 10 से 12 पार्षद पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे।
कानपुर नगर निगम सदन में 26 सितंबर को हुए विवाद का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित के नेतृत्व में करीब 10 से 12 पार्षद पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे। पार्षदों ने सदन में हुए विवाद को लेकर पुलिस प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखी।
हालांकि, अवकाश होने के चलते पार्षदों की पुलिस आयुक्त से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद भाजपा पार्षद दल की ओर से पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायती पत्र दिया गया। इस पत्र में 26 सितंबर को नगर निगम सदन में हुई कार्यवाही का पूरा ब्यौरा दिया गया है।
शिकायती पत्र में भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया है कि सदन की कार्यवाही के दौरान लक्ष्मी कोरी महापौर के सामने पहुंचकर चिल्लाने लगीं। पार्षदों के मुताबिक, इसी दौरान आलोक पाण्डेय भी वहां पहुंचे और आत्महत्या करने की बात कहते हुए हंगामा करने लगे।
भाजपा पार्षदों का कहना है कि सदन में मौजूद लोगों ने लक्ष्मी कोरी और आलोक पाण्डेय, दोनों से शांति बनाए रखने और सदन की कार्यवाही बाधित न करने की अपील की। पार्षदों के अनुसार, इसके बाद आलोक पाण्डेय सदन से बाहर चले गए, जबकि लक्ष्मी कोरी अपनी सीट पर बैठ गईं।
भाजपा पार्षद दल ने 5 पार्षदों पर लगाए गए आरोपों को निराधार और मनगढ़ंत बताया है। पार्षदों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनके खिलाफ दी गई शिकायत को निरस्त किया जाए और पूरे मामले में विधिक कार्रवाई की जाए।
पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत देने के दौरान भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित समेत कई पार्षद मौजूद रहे। पार्षदों ने 26 सितंबर की सदन की कार्यवाही से जुड़े घटनाक्रम का अपना पक्ष पुलिस प्रशासन के सामने रखा है। अब इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
उपेन्द्र अस्थाना, कानपुर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर नगर निगम विवाद को लेकर भाजपा पार्षदों ने क्या किया?
भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित के नेतृत्व में करीब 10 से 12 पार्षद पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और शिकायत दी।
पार्षद पुलिस आयुक्त से क्यों नहीं मिल सके?
अवकाश होने के चलते पार्षदों की पुलिस आयुक्त से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद कार्यालय में शिकायती पत्र दिया गया।
शिकायती पत्र में भाजपा पार्षदों ने क्या आरोप लगाया?
पार्षदों ने आरोप लगाया कि लक्ष्मी कोरी महापौर के सामने चिल्लाने लगीं और आलोक पाण्डेय आत्महत्या करने की बात कहते हुए हंगामा करने लगे।
भाजपा पार्षद दल ने पुलिस से क्या मांग की है?
भाजपा पार्षद दल ने 5 पार्षदों पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया और शिकायत निरस्त कर पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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