कनावनी के किसानों का धरना 50वें दिन भी जारी, गांधी जयंती पर मौन
इंदिरापुरम, गाजियाबाद में ग्राम कनावनी के किसानों का धरना 50वें दिन भी जारी रहा। 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के मौके पर किसानों ने धरना स्थल पर मौन रखकर अपने शांतिपूर्ण संघर्ष और आंदोलन के संकल्प
इंदिरापुरम, गाजियाबाद में ग्राम कनावनी के किसानों का धरना 50वें दिन भी जारी रहा। 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के मौके पर किसानों ने धरना स्थल पर मौन रखकर अपने शांतिपूर्ण संघर्ष और आंदोलन के संकल्प को दोहराया। किसानों ने कहा कि 50 दिन बीत जाने के बावजूद उनकी मांगों पर प्रशासन और प्राधिकरण की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।
गांधी जयंती पर किसानों ने मौन रखकर प्रशासन को अपने तरीके से संदेश दिया। किसानों का कहना है कि लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने के बाद भी उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने कहा कि “प्रशासन को न कनावनी के किसानों की आवाज सुनाई दे रही है, न किसानों की परेशानी दिखाई दे रही है और न ही प्रशासन इस मामले में कुछ बोल रहा है।”
किसानों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर प्रशासन और प्राधिकरण की चुप्पी बनी हुई है। इसी को लेकर उन्होंने अपने संदेश में कहा, “न कुछ दिखाई दे रहा है, न सुनाई दे रहा है, न प्रशासन कुछ बोल रहा है।” किसानों ने नाम बहाली तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि 50 दिन पूरे होने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है और वे अपने शांतिपूर्ण धरने को जारी रखेंगे।
किसानों का आरोप है कि अधिकारी माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। किसानों के अनुसार न्यायालय के निर्देशों के विपरीत कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। किसानों का कहना है कि न्यायालय ने जो समय-सीमा तय की थी, उसमें या तो किसानों को उनकी भूमि का भुगतान किया जाना था या फिर भूमि किसानों को वापस की जानी थी।
किसानों के मुताबिक, न्यायालय की तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी उनके राजस्व अभिलेखों में नाम बहाल नहीं किए गए हैं। दूसरी ओर, किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण मुआवजे के लिए अवॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। किसानों ने कहा कि एक तरफ नाम बहाली की मांग लंबित है और दूसरी तरफ अवॉर्ड तैयार करने की कार्रवाई जारी रखी जा रही है।
किसानों ने कहा कि अब बहुत हो चुका है और प्राधिकरण को किसानों की मांगों के साथ-साथ न्यायालय के आदेशों को भी गंभीरता से लेना होगा। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।
किसानों ने यह भी बताया कि इस मामले में कुछ अधिकारियों के खिलाफ माननीय हाईकोर्ट से अवमानना के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। किसानों के अनुसार कार्यकारी अधिकारी, विकास प्राधिकरण नंदकिशोर कलाल, एडीएम भू-अर्जन अवनीश कुमार सिंह तथा लखनऊ के डॉ. बलकार सिंह को न्यायालय की ओर से अवमानना संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं।
इसके बावजूद किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है और अवॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया में लगा हुआ है। किसानों ने कहा कि न्यायालय के निर्देशों और उनकी मांगों के बीच कार्रवाई का यह सिलसिला उनकी चिंता बढ़ा रहा है। उन्होंने प्राधिकरण से इस मामले को गंभीरता से लेने और किसानों के नाम बहाल करने की मांग दोहराई।
किसान परवीन नागर ने कहा कि कनावनी के किसान अब पूरी तरह एकजुट और संगठित हैं। उन्होंने बताया कि आसपास के गांवों से भी किसानों को लगातार समर्थन मिल रहा है। परवीन नागर ने कहा कि किसान न डरेंगे, न झुकेंगे और न ही किसी भी परिस्थिति में पीछे हटेंगे।
उन्होंने साफ कहा कि जब तक किसानों के नाम खसरा-खतौनी एवं राजस्व अभिलेखों में बहाल नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। परवीन नागर ने यह भी कहा कि किसानों की अनदेखी प्राधिकरण के लिए भारी पड़ सकती है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरना स्थल पर कैलाश नागर, सुखबीर नागर, महेंद्र नागर, श्रीचंद नागर, चतर सिंह नागर, जयपाल नागर, अंतराज कसाना, विजय नागर, सतीश नागर, अशोक कसाना सहित अन्य किसान मौजूद रहे। किसानों ने गांधी जयंती पर मौन रखकर यह जताया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है, लेकिन नाम बहाली और अपनी मांगों को लेकर वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कनावनी के किसानों का धरना कितने दिन से जारी है?
कनावनी के किसानों का धरना 50वें दिन भी जारी रहा।
गांधी जयंती पर किसानों ने क्या किया?
2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती पर किसानों ने धरना स्थल पर मौन रखकर अपने शांतिपूर्ण संघर्ष का संकल्प दोहराया।
किसानों की मुख्य मांग क्या है?
किसानों की मुख्य मांग राजस्व अभिलेखों में उनके नाम बहाल करने की है।
किसानों ने आंदोलन को लेकर क्या ऐलान किया है?
किसानों ने कहा है कि नाम बहाली तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा और मांगों की अनदेखी होने पर इसे और व्यापक किया जाएगा।
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