गाजियाबाद के कनावनी गांव में किसानों का 32वें दिन का धरना जारी
गाजियाबाद के कनावनी गांव में किसानों का धरना अपनी जमीन और राजस्व अभिलेखों में अपने नाम बहाल किए जाने की मांग को लेकर लगातार 32वें दिन भी जारी रहा।
गाजियाबाद के कनावनी गांव में किसानों का धरना अपनी जमीन और राजस्व अभिलेखों में अपने नाम बहाल किए जाने की मांग को लेकर लगातार 32वें दिन भी जारी रहा। किसान धरना स्थल पर डटे हुए हैं और अपने अधिकारों की लड़ाई शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने का संकल्प दोहरा रहे हैं।
कनावनी के किसानों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण यानी GDA पर गंभीर आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि प्राधिकरण इंद्रापुरम विस्तार योजना के फेज-1 को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, जबकि किसानों की जमीन अभी तक प्राधिकरण द्वारा विधिवत रूप से अधिग्रहित नहीं की गई है।
किसानों ने आरोप लगाया कि जमीन लिए बिना ही उस पर प्राधिकरण द्वारा लेआउट तैयार कर योजना को आगे बढ़ाना कानून के खिलाफ है। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है।
किसानों ने मांग की है कि जब तक भूमि के संबंध में कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक किसानों की जमीन पर योजना का लेआउट तैयार कर फेज-1 लॉन्च करने की प्रक्रिया नहीं की जानी चाहिए।
किसान चतर सिंह नागर और श्रीचंद नागर ने कहा कि किसानों की जमीन किसानों के पास है और किसान अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। किसानों ने साफ किया कि उनकी मांगों का समाधान होने और राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम बहाल किए जाने तक धरना जारी रहेगा।
धरना स्थल पर सुखवीर नागर, महेंद्र नागर, कबूल सिंह, सतीश नागर, लायक राम, प्रवीण नागर, अशोक कसाना, अमित कसाना, विनीत, तिरखा, अरुण नागर, पिंटू नागर आदि किसान मौजूद रहे।
यह धरना 14 सितंबर 2026 को भी जारी था और किसान अपनी मांगों को लेकर दृढ़ संकल्प के साथ आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कनावनी गांव के किसान धरना क्यों कर रहे हैं?
किसान अपनी जमीन और राजस्व अभिलेखों में अपने नाम बहाल किए जाने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। वे कहते हैं कि GDA को उनकी जमीन अभी तक विधिवत रूप से नहीं मिली है, लेकिन प्राधिकरण इंद्रापुरम विस्तार योजना के फेज-1 को आगे बढ़ा रहा है।
किसानों का GDA पर क्या आरोप है?
किसानों का कहना है कि GDA जमीन लिए बिना ही उस पर लेआउट तैयार कर योजना को आगे बढ़ा रहा है, जो कानून के खिलाफ है और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है।
यह धरना कितने दिन से चल रहा है?
यह धरना 32वें दिन तक जारी है। किसान अपनी मांगों का समाधान होने तक धरना जारी रखने का संकल्प दोहरा रहे हैं।
किसानों की मुख्य मांग क्या है?
किसानों की मांग है कि भूमि के संबंध में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले फेज-1 लॉन्च न किया जाए और राजस्व अभिलेखों में उनके नाम बहाल किए जाएं।
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