गाजियाबाद में किसानों का धरना 17वें दिन, आज महापंचायत में बड़े कदम की चर्चा
गाजियाबाद के कनावनी में किसानों का धरना अब 17वें दिन में पहुंच गया है। जमीन और उचित मुआवजे को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन में किसानों का कहना है कि इतने लंबे समय बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं
गाजियाबाद के कनावनी में किसानों का धरना अब 17वें दिन में पहुंच गया है। जमीन और उचित मुआवजे को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन में किसानों का कहना है कि इतने लंबे समय बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। किसानों के मुताबिक इस दौरान प्रशासन से कई बार बातचीत हुई लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया।
किसानों का आरोप है कि उन पर मुकदमे दर्ज किए गए, एक किसान के जमीन पर बने फार्म हाउस पर कार्रवाई की गई और डंपिंग ग्राउंड के विरोध में आवाज उठाने वाले किसानों पर भी FIR दर्ज की गई। इन कार्रवाइयों से किसानों में गुस्सा और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे अपनी जमीन का सही मुआवजा और अपना हक मांग रहे हैं लेकिन उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है।
इसी को लेकर आज 30 अगस्त रविवार को कनावनी में किसानों ने महापंचायत बुलाई है जिसमें आसपास के तमाम गांवों के किसानों को भी बुलाया गया है। महापंचायत में इस बात पर चर्चा होगी कि अब आंदोलन को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए अगला कदम क्या हो। किसानों का कहना है कि अब तक उन्होंने इस आंदोलन को गांव के किसानों तक सीमित रखा था लेकिन अगर उनकी मांगों पर इसी तरह अनदेखी होती रही तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
किसानों की मुख्य मांग है कि उनकी जमीन का मुआवजा उसी जमीन की असली स्थिति और कनावनी के लागू सर्किल रेट के आधार पर दिया जाए। किसान नेताओं ने साफ किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो पक्ष-विपक्ष के नेताओं के साथ किसान और सामाजिक संगठनों को भी आंदोलन में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा। आज होने वाली महापंचायत से किसानों के आंदोलन की दिशा तय होगी और यह भी साफ होगा कि यह आंदोलन कनावनी तक सीमित रहेगा या पूरे इलाके में फैलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गाजियाबाद के कनावनी में किसानों का धरना कितने दिन चल रहा है?
किसानों का धरना 17वें दिन में पहुंच गया है। यह आंदोलन जमीन और उचित मुआवजे को लेकर शुरू हुआ था।
किसान किस बात के लिए मुआवजा मांग रहे हैं?
किसान अपनी जमीन का सही मुआवजा मांग रहे हैं। उनकी मांग है कि मुआवजा जमीन की असली स्थिति और कनावनी के लागू सर्किल रेट के आधार पर दिया जाए।
30 अगस्त को कनावनी में महापंचायत बुलाई गई है - इसमें क्या तय होगा?
महापंचायत में चर्चा होगी कि आंदोलन को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए अगला कदम क्या हो। इससे यह भी साफ होगा कि आंदोलन कनावनी तक सीमित रहेगा या पूरे इलाके में फैलेगा।
किसानों के खिलाफ प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
किसानों के मुताबिक, प्रशासन ने उन पर मुकदमे दर्ज किए हैं। एक किसान के जमीन पर बने फार्म हाउस पर कार्रवाई की गई और डंपिंग ग्राउंड के विरोध में आवाज उठाने वाले किसानों पर भी FIR दर्ज की गई है।
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