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गाजियाबाद में किसानों का 23 दिनों का धरना, जमीन के नाम बहाल करने की मांग

गाजियाबाद के मोहिउद्दीनपुर कनावनी इलाके में किसानों का धरना लगातार 23 दिनों से जारी है।

गाजियाबाद में किसानों का 23 दिनों का धरना, जमीन के नाम बहाल करने की मांग
Image credit: News Darpan Team

गाजियाबाद के मोहिउद्दीनपुर कनावनी इलाके में किसानों का धरना लगातार 23 दिनों से जारी है। किसान भूमि अधिग्रहण के खिलाफ अपना विरोध जारी रखे हुए हैं और अब राजस्व रिकॉर्ड में मूल भूमिस्वामियों के नाम बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

बारिश के बावजूद किसान धरना स्थल पर डटे रहे। किसानों ने अब मुआवजे के बजाय राजस्व अभिलेखों में मूल भूमिस्वामियों के नाम बहाल करने को अपनी प्रमुख मांग बना लिया है।

किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सर्वोच्च न्यायालय की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। उनका आरोप है कि निर्धारित अवधि में वैध अवार्ड पारित नहीं हुआ। इस वजह से किसानों ने राजस्व अभिलेखों में अपने नाम बहाल करने की मांग उठाई है।

किसान कैलाश नागर ने बताया कि किसानों का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और जब तक राजस्व रिकॉर्ड में मूल भूमिस्वामियों के नाम बहाल नहीं होते, धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान अब किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे।

धरना स्थल पर मथन सिंह नागर, जगदीश शर्मा, श्रीचन्द नागर, मीर सिंह नागर, चतर सिंह नागर, धनेश्वर शर्मा, सुखबीर सिंह नागर, बाबू नागर, पप्पू बेसला, जयपाल नागर, विनोद नागर, देवेंद्र नागर, अशोक कसाना और लेखराम जाटव सहित कई किसान मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद में किसानों का धरना कहाँ लगा हुआ है और इसकी अवधि क्या है?

गाजियाबाद के मोहिउद्दीनपुर कनावनी इलाके में किसानों का धरना लगातार 23 दिनों से जारी है। वे भूमि अधिग्रहण के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।

किसानों की मुख्य मांग क्या है?

किसानों ने मुआवजे के बजाय राजस्व अभिलेखों में मूल भूमिस्वामियों के नाम बहाल करने को अपनी प्रमुख मांग बना लिया है।

किसान क्यों कह रहे हैं कि राजस्व रिकॉर्ड में नाम बहाल होने चाहिए?

किसानों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सर्वोच्च न्यायालय की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है और निर्धारित अवधि में वैध अवार्ड पारित नहीं हुआ।

क्या किसान बारिश के बीच भी धरना स्थल पर बने हुए हैं?

हाँ, बारिश के बावजूद किसान धरना स्थल पर डटे रहे हैं और उन्होंने कहा है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।

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