झंडू कुमार ने CWG 2026 में पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज जीता
CWG 2026: पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने हेवीवेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज जीता पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेन्स हेवीवेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के लिए पहला मेडल
पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेन्स हेवीवेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के लिए पहला मेडल हासिल किया। ग्रुप बी में मुकाबला करते हुए कुमार ने 181 किलो और 190 किलो का सफल लिफ्ट किया और 130.9 पॉइंट्स जुटाए। उन्होंने कुछ समय के लिए लीड बनाई लेकिन बाद में मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर और गोल्ड मेडलिस्ट रिलुवान इदरीस ने उन्हें पीछे छोड़ दिया।
बिहार के छोटे गांव से ग्लोबल स्टेज तक
कुमार की यह जीत उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी बयां करती है। बिहार के नालंदा जिले के हरनौत गांव में जन्मे झंडू, जो एक सब्जी बेचने वाले के बेटे हैं, बचपन से ही पोलियो की वजह से चुनौतियों का सामना कर रहे थे। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में शॉटपुट और डिस्कस थ्रो में सफलता पाई। बाद में उन्होंने स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में रुचि के चलते पैरा पावरलिफ्टिंग को चुना।
कोचिंग ने बदली जिंदगी
नेशनल चैंपियनशिप में निराशाजनक शुरुआत के बाद, पैरालंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट राजिंदर सिंह रहेलू ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें गांधीनगर के स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ट्रेनिंग का मौका दिया। रहेलू की कोचिंग में कुमार ने जल्दी ही अपनी पहचान बना ली।
रिकॉर्ड्स और इंटरनेशनल पहचान
2025 में कुमार ने 205 किलो का लिफ्ट करके नेशनल रिकॉर्ड बनाया और फिर खेलो इंडिया पैरा गेम्स में इसे 206 किलो तक बढ़ाया। उनकी लगातार शानदार परफॉर्मेंस ने उन्हें 2025 बीजिंग वर्ल्ड कप और 2026 एशियन और ओशियाना चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल दिलाया, जिससे उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स में जगह मिली।
यह ब्रॉन्ज मेडल झंडू कुमार की उपलब्धियों की लिस्ट में एक और चमकदार अध्याय जोड़ता है। साथ ही, यह भारत के पैरा एथलीट्स की ताकत और जज्बे को ग्लोबल स्टेज पर दिखाने का एक और बड़ा उदाहरण है।
स्रोत: Indian Express
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
झंडू कुमार ने किस खेल में ब्रॉन्ज मेडल जीता?
झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
झंडू कुमार का जन्म कहाँ हुआ था?
झंडू कुमार का जन्म बिहार के नालंदा जिले के हरनौत गांव में हुआ था।
झंडू कुमार ने कितनी किलो का लिफ्ट किया?
झंडू कुमार ने 181 किलो और 190 किलो का सफल लिफ्ट किया।
कौन से कोच ने झंडू कुमार की प्रतिभा को पहचाना?
राजिंदर सिंह रहेलू ने झंडू कुमार की प्रतिभा को पहचाना।
झंडू कुमार की इस जीत का क्या महत्व है?
यह जीत भारत के पैरा एथलीट्स की ताकत और जज्बे को ग्लोबल स्टेज पर दिखाने का एक बड़ा उदाहरण है।
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