अनिल मेनन का ऐतिहासिक ISS मिशन, 2026 में होगा लॉन्च
डॉक्टर से एस्ट्रोनॉट तक: भारतीय-अमेरिकी अनिल मेनन ISS मिशन के लिए तैयार नासा के एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन, जो एक भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर, इंजीनियर और मिलिट्री ऑफिसर हैं, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर करीब
डॉक्टर से एस्ट्रोनॉट तक: भारतीय-अमेरिकी अनिल मेनन ISS मिशन के लिए तैयार
नासा के एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन, जो एक भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर, इंजीनियर और मिलिट्री ऑफिसर हैं, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर करीब 240 दिन बिताने वाले एक ऐतिहासिक मिशन के लिए तैयार हैं। अनिल मेनन 14 जुलाई 2026 को कज़ाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से सोयुज MS-29 स्पेसक्राफ्ट के जरिए लॉन्च होंगे। उनके साथ इस आठ महीने के मिशन पर रोस्कोस्मोस के कॉस्मोनॉट प्योत्र दुबरोव और अन्ना किकीना भी होंगे।
यह टीम 2027 की स्प्रिंग में धरती पर लौटेगी। यह मिशन मेनन के करियर का सबसे बड़ा मुकाम होगा, जिसमें उन्होंने साइंस, टेक्नोलॉजी, मिलिट्री सर्विस और स्पेस एक्सप्लोरेशन में शानदार योगदान दिया है। मिनेसोटा के मिनियापोलिस में जन्मे अनिल मेनन के माता-पिता भारत और यूक्रेन से अमेरिका आए थे।
अनिल मेनन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से न्यूरोबायोलॉजी में बैचलर डिग्री ली और फिर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मेडिकल डिग्री और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने इमरजेंसी मेडिसिन और एयरोस्पेस मेडिसिन में रेजिडेंसी की, जिसके बाद इन दोनों क्षेत्रों में बोर्ड सर्टिफिकेशन मिला। एस्ट्रोनॉट बनने से पहले, मेनन नासा के एक्सपीडिशन फ्लाइट सर्जन के तौर पर ISS पर एस्ट्रोनॉट्स को सपोर्ट करते थे।
मेनन ने कमर्शियल स्पेसफ्लाइट में भी बड़ा योगदान दिया। वह स्पेसएक्स के पहले फ्लाइट सर्जन थे, जहां उन्होंने एस्ट्रोनॉट मेडिकल सिस्टम्स डेवलप करने और डेमो-2 मिशन में मदद की। उन्होंने रूस के स्टार सिटी में सोयुज मिशन के लिए ट्रेनिंग भी ली।
2021 में नासा ने उन्हें एस्ट्रोनॉट कैंडिडेट के तौर पर चुना। 2024 में उन्होंने दो साल का ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा किया और तब से अपने पहले स्पेस मिशन की तैयारी कर रहे हैं। ISS पर मेनन ऐसे एक्सपेरिमेंट करेंगे, जो चांद और मंगल पर भविष्य के मिशन को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। इन स्टडीज़ में माइक्रोग्रैविटी का खून के बहाव, नसों की संरचना और खून की संरचना पर असर समझने पर फोकस होगा।
इसके अलावा, मेनन ISS के पोर्टेबल वॉटर सिस्टम का इस्तेमाल करके इंट्रावेनस फ्लुइड्स बनाने की तकनीक भी टेस्ट करेंगे। यह तकनीक गहरे अंतरिक्ष के मिशनों में, जहां मेडिकल सप्लाई सीमित होती है, बेहद अहम साबित हो सकती है।
साइंस और स्पेस के अलावा, मेनन एक अनुभवी पायलट हैं, जिनके पास 1,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग एक्सपीरियंस है। वह सर्टिफाइड फ्लाइट इंस्ट्रक्टर भी हैं और आयरनमैन और कोकोरो चैलेंज जैसे एंड्योरेंस इवेंट्स में हिस्सा ले चुके हैं।
मेनन की स्पेसफ्लाइट से जुड़ाव उनकी पर्सनल लाइफ में भी दिखता है। उनकी पत्नी अन्ना मेनन स्पेसएक्स में काम करती हैं और कई ह्यूमन स्पेसफ्लाइट मिशनों में योगदान दे चुकी हैं। इस कपल के दो बच्चे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अनिल मेनन का ISS मिशन कब लॉन्च होगा?
अनिल मेनन का ISS मिशन 14 जुलाई 2026 को लॉन्च होगा।
अनिल मेनन किस स्पेसक्राफ्ट से लॉन्च होंगे?
अनिल मेनन सोयुज MS-29 स्पेसक्राफ्ट से लॉन्च होंगे।
अनिल मेनन का मिशन कितने दिन चलेगा?
अनिल मेनन का मिशन करीब 240 दिन चलेगा।
अनिल मेनन का पेशा क्या है?
अनिल मेनन एक डॉक्टर, इंजीनियर और मिलिट्री ऑफिसर हैं।
अनिल मेनन के साथ इस मिशन पर और कौन होंगे?
अनिल मेनन के साथ रोस्कोस्मोस के कॉस्मोनॉट प्योत्र दुबरोव और अन्ना किकीना भी होंगे।
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