IEIC टीम ने कर्नाटक में VB-G RAM स्कीम का मैदानी मूल्यांकन किया
IEIC टीम ने बेलगावी में VB-G RAM स्कीम का आकलन किया। मजदूरी भुगतान, रोजगार कार्ड और तकनीकी उपकरणों की समीक्षा की गई।
एक तीन सदस्यों की टीम ने इंक्लूजन इकोनॉमिक्स इंडिया सेंटर (IEIC), नई दिल्ली से बेलगावी जिले के हुक्केरी तालुक में फील्ड असेसमेंट किया ताकि VB-G RAM G स्कीम के काम का मूल्यांकन किया जा सके।
फील्ड विजिट और स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत
जेनिफर एलार्ड, संजुली गुप्ता और सतीश बरजाचार्य ने उस जगह का दौरा किया जहां गुडास ग्राम पंचायत में 'कंटीन्यूअस कंटूर ट्रेंच' (CCT) का काम चल रहा है और वहां काम कर रहे मजदूरों से बात की। टीम ने चल रहे कामों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए अधिकारियों के साथ भी बातचीत की।
वेज सिस्टम और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस की समीक्षा
IEIC के प्रतिनिधियों ने K2 सिस्टम के जरिए दी गई मजदूरी के पेमेंट के बारे में विस्तार से जानकारी इकट्ठा की। उनके असेसमेंट में एम्प्लॉयमेंट गारंटी कार्ड, ऑफिशियल रजिस्टर, वर्क साइट्स और एडमिनिस्ट्रेटिव फाइलों की जांच भी शामिल रही।
अधिकारियों ने विजिट करने वाली टीम को स्कीम के लिए लगाए गए तरह-तरह के टेक्नोलॉजिकल टूल्स और मोबाइल एप्लिकेशन के बारे में ब्रीफिंग दी, जिसमें 'जनग्राम' और 'रूरल वन' शामिल हैं। टीम ने टेक्निकल असिस्टेंट, बेयरफुट टेक्निशियन और 'ग्राम कायका मित्र' से भी मुलाकात की ताकि मस्टर रोल ट्रैकिंग और रिजेक्ट हुए पेमेंट की हैंडलिंग से जुड़ी प्रोसेस को समझा जा सके।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IEIC टीम कर्नाटक में क्या काम करने गई थी?
IEIC (इंक्लूजन इकोनॉमिक्स इंडिया सेंटर) की तीन सदस्यों की टीम कर्नाटक के बेलगावी जिले में VB-G RAM स्कीम का फील्ड असेसमेंट करने गई थी। इसका मतलब है कि उन्हें इस स्कीम का मैदान पर जाकर मूल्यांकन करना था।
टीम ने वहां पर क्या-क्या देखा?
टीम ने हुक्केरी तालुक के गुडास ग्राम पंचायत में 'कंटीन्यूअस कंटूर ट्रेंच' के काम का दौरा किया। उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों से बात की, अधिकारियों से जानकारी ली, और एम्प्लॉयमेंट गारंटी कार्ड, ऑफिशियल रजिस्टर और वर्क साइट्स की जांच की।
K2 सिस्टम क्या काम करता है?
K2 सिस्टम के जरिए इस स्कीम में मजदूरों को मजदूरी का भुगतान किया जाता है। IEIC की टीम ने इस सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी इकट्ठा की।
स्कीम में कौन-कौन से मोबाइल ऐप्स इस्तेमाल होते हैं?
इस स्कीम में 'जनग्राम' और 'रूरल वन' जैसे मोबाइल ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है। ये टूल्स स्कीम को आसानी से चलाने में मदद करते हैं।
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