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एचकेयू के प्रोफेसर को मारपीट मामले में राहत, शांति बनाए रखने का आदेश

एचकेयू वायरोलॉजिस्ट ने मारपीट और फोन तोड़ने के मामले में सजा से बचा हांगकांग यूनिवर्सिटी (HKU) के वायरोलॉजिस्ट विजयकृष्ण धनसेकरन को मारपीट और एक शख्स का मोबाइल फोन तोड़ने के मामले में सजा से राहत

एचकेयू के प्रोफेसर को मारपीट मामले में राहत, शांति बनाए रखने का आदेश
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एचकेयू वायरोलॉजिस्ट ने मारपीट और फोन तोड़ने के मामले में सजा से बचा

हांगकांग यूनिवर्सिटी (HKU) के वायरोलॉजिस्ट विजयकृष्ण धनसेकरन को मारपीट और एक शख्स का मोबाइल फोन तोड़ने के मामले में सजा से राहत मिली है। उन्होंने पिछले साल हांगकांग के MTR स्टेशन पर हुई घटना में अपना दोष कबूल किया था। शुक्रवार को ईस्टर्न कोर्ट ने 48 साल के इस प्रोफेसर को दो साल के लिए बाइंड-ओवर ऑर्डर दिया और उन्हें HK$800 का मुआवजा भरने का आदेश दिया।

कोर्ट ने दिया शांति बनाए रखने का आदेश

यह घटना 17 अगस्त 2025 को हुई थी। मामला एयरपोर्ट एक्सप्रेस से जुड़े एक लिफ्ट में हुआ था, जहां धनसेकरन और 56 साल के रिटायर्ड व्यक्ति रैमंडो क्वोक चुन-तंग के बीच बहस हो गई। कोर्ट में पेश जानकारी के मुताबिक, बहस तब बढ़ गई जब धनसेकरन ने क्वोक का मोबाइल फोन पर वीडियो बनाना शुरू किया। जवाब में क्वोक ने भी उनका वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। इसके बाद मामला इतना बिगड़ गया कि धनसेकरन ने क्वोक के सैमसंग गैलेक्सी नोट 20 को जमीन पर गिरा दिया, उन्हें कई बार धक्का दिया और HK$3,000 कीमत का फोन लिफ्ट से बाहर लात मारकर फेंक दिया।

कोर्ट ने धनसेकरन को दो साल तक शांति बनाए रखने का आदेश दिया है। अगर उन्होंने इसका पालन नहीं किया तो उन्हें HK$2,000 का जुर्माना भरना पड़ेगा। कोर्ट ने उन्हें क्वोक के फोन को नुकसान पहुंचाने के लिए HK$800 का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया।

मामले का असर और नतीजा

धनसेकरन, जो HKU के पैथोजन इवोल्यूशन लैब के प्रमुख हैं, ने आपराधिक रिकॉर्ड से बचने में सफलता पाई। अगर उन्हें दोषी ठहराया जाता, तो उनके अकादमिक करियर पर इसका बड़ा असर पड़ सकता था। बाइंड-ओवर ऑर्डर के तहत उन्हें औपचारिक आरोपों से बचने का मौका मिला है, लेकिन शर्त यह है कि वे अगले दो साल तक कोर्ट के नियमों का पालन करेंगे।

यह मामला दिखाता है कि छोटे विवादों को सुलझाने में कानूनी व्यवस्था कैसे संतुलन बनाती है। जहां धनसेकरन की हरकतों को अनुचित माना गया, वहीं कोर्ट ने ऐसा हल निकाला जिससे उन्हें सजा के लंबे समय तक चलने वाले परिणामों से बचने का मौका मिला।

स्रोत: South China Morning Post

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

HKU के प्रोफेसर विजयकृष्ण धनसेकरन को क्या राहत मिली?

धनसेकरन को मारपीट और मोबाइल फोन तोड़ने के मामले में सजा से राहत मिली। कोर्ट ने उन्हें बाइंड-ओवर ऑर्डर दिया, जिसका मतलब है कि अगर वह दो साल तक शांति बनाए रखें तो उन्हें सजा नहीं दी जाएगी।

यह घटना कहां और कब हुई थी?

यह घटना 17 अगस्त 2025 को हांगकांग के Airport Express से जुड़े एक लिफ्ट में हुई थी। धनसेकरन और एक 56 साल के रिटायर्ड व्यक्ति रैमंडो क्वोक के बीच बहस हुई थी।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

लिफ्ट में धनसेकरन ने क्वोक का वीडियो बनाना शुरू किया। इसके जवाब में क्वोक ने भी उनका वीडियो रिकॉर्ड करने लगा। इसके बाद मामला बिगड़ गया।

कोर्ट के आदेशों में क्या शामिल है?

कोर्ट ने धनसेकरन को दो साल तक शांति बनाए रखने का आदेश दिया। अगर वह इसका पालन नहीं करते तो उन्हें HK$2,000 का जुर्माना भरना पड़ेगा। साथ ही उन्हें क्वोक के Samsung Galaxy Note 20 फोन के नुकसान के लिए HK$800 का मुआवजा देना होगा।

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