करवा चौथ पर व्रत के बीच ग्वालियर की महिला पटवारियों ने निभाई ड्यूटी
करवा चौथ के मौके पर जब सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना में जुटी थीं, तब ग्वालियर की महिला पटवारियां भूख-प्यास के बीच अपनी सरकारी जिम्मेदारी निभा रही थीं।
करवा चौथ के मौके पर जब सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना में जुटी थीं, तब ग्वालियर की महिला पटवारियां भूख-प्यास के बीच अपनी सरकारी जिम्मेदारी निभा रही थीं। माथे पर सिंदूर, हाथों में मेहंदी और मन में पति की मंगलकामना के साथ इन महिला पटवारियों ने कर्तव्य को भी प्राथमिकता दी।
त्योहार के दिन महिला पटवारियों ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। इस काम के जरिए ग्रामीणों को उनकी आवासीय जमीन का मालिकाना हक दिलाने की दिशा में काम किया गया। लंबे समय से अपनी आवासीय भूमि के दस्तावेजों और मालिकाना हक का इंतजार कर रहे ग्रामीण परिवारों के लिए यह दिन खुशियां लेकर आया।
स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम आगे बढ़ने से ग्रामीणों को अपने घर की जमीन पर अधिकार मिलने की राह मजबूत हुई। जिन परिवारों के लिए घर की जमीन का मालिकाना हक अभी तक दस्तावेजों के इंतजार में था, उनके लिए महिला पटवारियों की यह कोशिश अहम रही।
महिला पटवारियों ने यह भी दिखाया कि त्योहार की आस्था और सरकारी जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाकर जनसेवा को प्राथमिकता दी जा सकती है। उनके लिए यह सिर्फ सरकारी काम नहीं था। यह उन ग्रामीण परिवारों को उनके अधिकारों के करीब पहुंचाने की कोशिश भी थी, जो अपनी जमीन के दस्तावेजों का इंतजार कर रहे थे।
इस पहल में ग्वालियर जिले की पांच तहसीलों की महिला पटवारियों ने अपनी भूमिका निभाई। चीनोर तहसील से अनीतारानी परिहार, सुरभि गुप्ता और राधा शर्मा इस काम में शामिल रहीं। घाटीगांव से रेखा सोनी और रिचा शर्मा ने जिम्मेदारी निभाई।
डबरा तहसील से साधना पहाड़िया, समर सुल्तान और भारती पाठक ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। मुरार से गायत्री महोबिया और भितरवार से अर्चना दुबे भी इस पहल का हिस्सा रहीं।
इन महिला पटवारियों की कर्तव्यनिष्ठा की ग्रामीण क्षेत्रों में सराहना हो रही है। करवा चौथ के दिन भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय ग्रामीणों की जमीन से जुड़े काम को आगे बढ़ाया। उनकी कोशिश से उन परिवारों को अपने आवासीय भूखंडों के दस्तावेज और मालिकाना हक मिलने की उम्मीद मजबूत हुई, जो लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे।
ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सभी महिला पटवारियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने करवा चौथ के अवसर पर सभी महिला पटवारियों को व्रत की बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
करवा चौथ के इस मौके पर महिला पटवारियों की पहल ने आस्था और सरकारी दायित्व के संगम की तस्वीर पेश की। दिनभर की जिम्मेदारियों के साथ ग्रामीणों को उनके अधिकार दिलाने की कोशिश ने इस त्योहार को उनके लिए एक अलग संतुष्टि से भी जोड़ दिया। चांद के दीदार के साथ जब उनका निर्जला व्रत पूरा होगा, तब उनके साथ ग्रामीणों के लिए किए गए इस काम की संतुष्टि भी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
करवा चौथ पर ग्वालियर की महिला पटवारियों ने क्या जिम्मेदारी निभाई?
उन्होंने निर्जला व्रत के बीच सरकारी ड्यूटी करते हुए स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
स्वामित्व योजना के काम से ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?
ग्रामीणों को उनकी आवासीय जमीन के दस्तावेज और मालिकाना हक मिलने की राह मजबूत होगी।
इस पहल में कितनी तहसीलों की महिला पटवारियां शामिल थीं?
इस पहल में ग्वालियर जिले की पांच तहसीलों की महिला पटवारियों ने भूमिका निभाई।
महिला पटवारियों के काम की किसने सराहना की?
ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और उन्हें करवा चौथ की शुभकामनाएं दीं।
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