केंद्र की अपील: इलेक्ट्रिक कुकिंग और मोबिलिटी अपनाने का समय
'इलेक्ट्रिक कुकिंग और मोबिलिटी अपनाएं, साफ ऊर्जा की ओर बढ़ें' साफ ऊर्जा के लिए केंद्र की अपील: इलेक्ट्रिक कुकिंग और मोबिलिटी को बढ़ावा दें भारत सरकार ने तेलंगाना समेत सभी राज्यों से अपील की है कि वे
साफ ऊर्जा के लिए केंद्र की अपील: इलेक्ट्रिक कुकिंग और मोबिलिटी को बढ़ावा दें
भारत सरकार ने तेलंगाना समेत सभी राज्यों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक कुकिंग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाएं। यह कदम देश के 2070 तक नेट जीरो एमिशन का लक्ष्य हासिल करने के लिए उठाया जा रहा है।
नवीकरणीय ऊर्जा में बड़ी उपलब्धि
हैदराबाद में आयोजित 'नेशनल वर्कशॉप ऑन रिन्यूएबल कंजम्प्शन ऑब्लिगेशन (RCO)' में बिजली मंत्रालय के तहत ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के सचिव मिलिंद देवरे ने देश की नवीकरणीय ऊर्जा में प्रगति पर बात की। 30 जून तक भारत ने गैर-फॉसिल फ्यूल स्रोतों से 297.37 गीगावॉट बिजली क्षमता स्थापित कर ली है, जो 2030 तक 500 गीगावॉट के लक्ष्य का लगभग 59.5% है।
देवरे ने बताया कि इलेक्ट्रिक कुकिंग और मोबिलिटी भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति के अहम हिस्से हैं। ये न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी घरों के लिए सस्ता विकल्प साबित हो सकते हैं।
खर्च और आयात पर निर्भरता कम करना
देवरे के मुताबिक, इलेक्ट्रिक कुकिंग से घरों के कुकिंग खर्च में 25-35% तक की कमी आ सकती है। साथ ही, यह एलपीजी और एलएनजी जैसे आयातित ईंधनों पर निर्भरता को भी कम करेगा। उन्होंने सस्ती, ऊर्जा-कुशल और सुरक्षित कुकिंग तकनीकों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने घरों, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में इंडक्शन कुकटॉप्स बांटने का सुझाव दिया।
साफ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्था कई राज्यों में इंडक्शन कुकटॉप्स और बर्तन बांटने का काम कर रही है।
क्यों है यह जरूरी
इलेक्ट्रिक कुकिंग और मोबिलिटी को बढ़ावा देना भारत के कार्बन एमिशन कम करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के बड़े लक्ष्यों से जुड़ा हुआ है। फॉसिल फ्यूल्स पर निर्भरता खत्म करके भारत न केवल अपने अंतरराष्ट्रीय जलवायु वादों को पूरा करना चाहता है, बल्कि महंगे कुकिंग फ्यूल से परेशान घरों को आर्थिक राहत भी देना चाहता है।
यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता और आर्थिक कुशलता पर फोकस को दर्शाती है और भारत को एक स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाने में अहम कदम है।
प्रकाशित: 19 जुलाई 2026, रात 09:48 IST
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने 2070 तक नेट जीरो एमिशन का लक्ष्य क्यों रखा है?
भारत अपने कार्बन एमिशन कम करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह लक्ष्य रखा है। फॉसिल फ्यूल्स पर निर्भरता खत्म करके भारत अपने अंतरराष्ट्रीय जलवायु वादों को पूरा करना चाहता है।
इलेक्ट्रिक कुकिंग से घरों के खर्च में कितनी कमी आ सकती है?
इलेक्ट्रिक कुकिंग से घरों के कुकिंग खर्च में 25-35% तक की कमी आ सकती है। इसके अलावा, यह LPG और LNG जैसे आयातित ईंधनों पर निर्भरता को भी कम करेगा।
भारत ने 2030 तक कितनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है?
भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। 30 जून तक भारत पहले से ही 297.37 गीगावॉट क्षमता स्थापित कर चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 59.5% है।
इंडक्शन कुकटॉप्स को किन जगहों पर बांटने का सुझाव दिया गया है?
सस्ती और ऊर्जा-कुशल कुकिंग तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए घरों, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में इंडक्शन कुकटॉप्स बांटने का सुझाव दिया गया है। EESL संस्था पहले से कई राज्यों में यह काम कर रही है।
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