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राज्यसभा चुनाव नतीजों की गलत अधिसूचना सरकार ने वापस ली

राज्यसभा चुनाव नतीजों की गलत अधिसूचना सरकार ने वापस ली केंद्र सरकार ने एक गलत गजट अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसमें मिज़ोरम राज्यसभा चुनाव के नतीजों की जगह गलती से पश्चिम बंगाल की तीन सीटों के

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केंद्र सरकार ने एक गलत गजट अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसमें मिज़ोरम राज्यसभा चुनाव के नतीजों की जगह गलती से पश्चिम बंगाल की तीन सीटों के उपचुनाव के नतीजे दोबारा प्रकाशित कर दिए गए थे। सरकारी और चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को हुई इस गलती को उसी दिन सही करते हुए नई और सही अधिसूचना जारी की गई।

अधिसूचना में गलती और सुधार

पहली अधिसूचना 1951 के जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 67 के तहत मिज़ोरम राज्यसभा चुनाव का नतीजा घोषित करने के लिए जारी की गई थी। लेकिन इसमें गलती से 17 जुलाई की अधिसूचना के विवरण को दोहराया गया, जो पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों के उपचुनाव के नतीजों से जुड़ी थी।

17 जुलाई की अधिसूचना में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बराइक और सुकेंदु शेखर रे के फिर से चुने जाने की घोषणा की गई थी। ये नेता जून में बीजेपी में शामिल हुए थे और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे।

गलती का पता चलते ही कानून मंत्रालय ने तुरंत गलत अधिसूचना को वापस लिया और सही अधिसूचना जारी की। नई गजट अधिसूचना में मिज़ोरम से ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट के नेता खियांगटे लालतलुआंगकिमा के राज्यसभा सीट पर चुने जाने की पुष्टि की गई।

इसका महत्व

इस गलती को तुरंत सुधारने से यह साफ हो गया कि चुनावी अधिसूचनाओं में सटीकता कितनी जरूरी है। ये अधिसूचनाएं चुनाव परिणामों की अंतिम कानूनी घोषणा होती हैं। अगर ऐसी गलतियां ठीक न की जाएं, तो इससे निर्वाचित प्रतिनिधियों की वैधता को लेकर भ्रम या विवाद हो सकता है। सरकार ने इस गलती को तुरंत ठीक कर चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखा।

स्रोत: Indian Express

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