मुजफ्फरनगर में रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर कार्रवाई, लाखों की सामग्री जब्त
मुजफ्फरनगर में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
मुजफ्फरनगर में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश के आदेश पर सहायक आयुक्त खाद्य अर्चना धीरान और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने भैंसारेडी और धनसनी गांवों में कई मावा भट्टियों का छापा मारा। इस दौरान कुल 18 नमूने लिए गए और लाखों रुपये की मिलावटी खाद्य सामग्री को नष्ट या जब्त किया गया।
भैंसारेडी में अतिकुर रहमान, शाहनवाज और देवेंद्रपाल की मावा भट्टियों से मावा, दूध और एसएमपी के छह नमूने लिए गए। इसके बाद देर रात धनसनी गांव में सलमुद्दीन, शमशुद्दीन, मीराजुद्दीन और शकील की भट्टियों से मावा, वनस्पति, एसएमपी, मिश्रित दूध और इंटरस्टेरिफाइड वेजिटेबल फैट के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए लैबोरेट्री भेजा जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई होगी।
टीम ने जो सामान इंसानों के खाने लायक नहीं था और गंदी जगहों पर रखा था, उसे जनहित में तुरंत नष्ट करा दिया। करीब 420 लीटर दूध जिसकी कीमत 25,200 रुपये थी और 510 किलो मावा जिसकी कीमत लगभग 1,37,800 रुपये थी, मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा करीब 490 किलो एसएमपी पाउडर जिसकी कीमत 2,23,840 रुपये है और 50 किलो वनस्पति जिसकी कीमत 8,810 रुपये है, को जब्त किया गया।
जिन जगहों पर मावा बनाने में एसएमपी के साथ वनस्पति मिलाई जा रही थी, उन्हें फौरन बंद करा दिया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि त्योहारों के दौरान मिलावट के खिलाफ यह मुहिम जारी रहेगी। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप सिंह, वैभव शर्मा, सुनील कुमार, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. विशाल चौधरी और अन्य टीम सदस्य शामिल रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुजफ्फरनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कितनी मिलावटी सामग्री जब्त की?
मावा भट्टियों के छापे में करीब 420 लीटर दूध (25,200 रुपये), 510 किलो मावा (1,37,800 रुपये), 490 किलो एसएमपी पाउडर (2,23,840 रुपये) और 50 किलो वनस्पति (8,810 रुपये) जब्त की गई। कुल लाखों रुपये की मिलावटी सामग्री नष्ट या जब्त की गई।
रक्षाबंधन से पहले यह कार्रवाई किन गांवों में की गई?
खाद्य सुरक्षा टीम ने भैंसारेडी और धनसनी गांवों में मावा भट्टियों का छापा मारा और कुल 18 नमूने लिए गए।
मावा भट्टियों में क्या-क्या मिलावट पाई गई?
अधिकारियों ने पाया कि मावा बनाने के समय एसएमपी के साथ वनस्पति और इंटरस्टेरिफाइड वेजिटेबल फैट मिलाई जा रही थी। सभी ऐसी भट्टियों को तुरंत बंद करा दिया गया।
जब्त की गई सामग्री का क्या किया गया?
जो सामान खराब था और गंदी जगहों पर रखा था, उसे जनहित में तुरंत नष्ट कर दिया गया। बाकी सामग्री को नमूनों के साथ जांच के लिए लैबोरेट्री भेजा गया है।
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